मासोद के नागरिकों का जिलाधिकारी परिसर में प्रदर्शन
गांव में राख लाना बंद करों

अमरावती/दि.2– मासोद गांव में खदानों को भरने के लिए लाई जा रही राख के विरोध में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया. ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में राख लाने पर तत्काल रोक लगाने की मांग करते हुए कहा कि इससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ रहे हैं.
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने गांव में राख लाना बंद करो, ग्रामीणों के स्वास्थ्य की रक्षा करो और भारत माता की जय जैसे नारे लगाए. उनका आरोप है कि मासोद क्षेत्र की खदानों को भरने के लिए बड़ी मात्रा में राख डाली जा रही है, जिससे आसपास के वातावरण में प्रदूषण बढ़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि उड़ने वाली राख के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. त्वचा संबंधी रोग, फेफड़ों की समस्याएं, सांस लेने में तकलीफ जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. उन्होंने यह भी दावा किया कि लंबे समय तक राख के संपर्क में रहने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं.
ग्रामीणों ने मांग की कि पिछले कई वर्षों से जमा की गई राख को भी तत्काल हटाया जाए. साथ ही जब तक राख पूरी तरह हटाई नहीं जाती, तब तक उसके ऊपर नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाए ताकि धूल और राख हवा में न उड़े. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में गांव या उसके आसपास फिर से राख लाई गई तो ग्रामीण बड़े पैमाने पर आंदोलन छेड़ेंगे. इस आंदोलन में गिरीश चौधरी, सूरज गवली, वैभव नंदनवार, राहुल पुरी, अनिकेत वैद्य, प्रमोद बञ्चवने, अनिकेत उमक, अक्षय शेलवान, गौरव नंदनवार, अक्षय कुंभरे, सागर अजंकर, अनिकेत सुरंकर और अविनाश मसराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए.





