बढ़ती गर्मी को रोकने के लिए शहर में बड़े पैमाने पर पेड़ लगाने का अभियान चलाएं

प्रशासन पर्यावरण बचाने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाए

* युवा ग्रामीण पत्रकार संघ के डिविजनल प्रेसिडेंट उत्तम ब्राह्मणवाड़े की मांग
नांदगांव खंडेश्वर/दि.2 – राज्य और विदर्भ में दिन-ब-दिन तापमान बढ़ रहा है, जिसका असर आम जीवन पर पड़ रहा है. बढ़ते तापमान, पानी की कमी, प्रदूषण और बदलते मौसम की समस्याओं को दूर करने के लिए बड़े पैमाने पर पेड़ लगाने का कैंपेन चलाने की ज़रूरत है. अलग-अलग लेवल से यह राय सामने आ रही है कि पर्यावरण बचाने के लिए हर नागरिक को पहल करनी चाहिए. इस बारे में, युवा ग्रामीण पत्रकार संघ, अमरावती के डिविजनल प्रेसिडेंट उत्तम ब्राह्मणवाड़े और नगरसेवक वासुदेव लोखंडे ने नांदगांव खंडेश्वर में नगर पंचायत के चीफ ऑफिसर से बड़े पैमाने पर पेड़ लगाने का कैंपेन चलाने की मांग की है.
उन्होंने एक बयान में कहा कि शहर और ग्रामीण इलाकों में पेड़ों की संख्या बड़े पैमाने पर कम हो रही है और कंक्रीटिंग के कारण गर्मी का लेवल बढ़ रहा है. इसलिए, उन्होंने कहा है कि हर गांव, शहर, स्कूल, कॉलेज, पब्लिक इंस्टीट्यूशन और सरकारी ऑफिस की जगह पर पेड़ लगाना आज की ज़रूरत है. उन्होंने मांग की है कि शहर में अमरावती यवतमाल रोड, चांदूर रेलवे रोड, पहुर रोड के दोनों तरफ नीम, वड़ा, पीपल के पेड़ लगाए जाएं और उन्हें ज़िंदा रखने के लिए रोज़ पानी दिया जाए, और शहर के सभी लेआउट में और जहां भी खाली जगह हो, वहां बड़ी संख्या में पेड़ लगाए जाएं.
हर साल मानसून के बैकग्राउंड में पेड़ लगाने के कैंपेन चलाए जाते हैं, लेकिन कई जगहों पर इसे असरदार तरीके से लागू नहीं किया जाता. क्योंकि लगाए गए पेड़ों की देखभाल और बचाव पर ध्यान नहीं दिया जाता, इसलिए उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिलते. इसलिए, न सिर्फ पेड़ लगाने पर बल्कि उनकी देखभाल, रेगुलर पानी देने और बचाव पर भी खास ज़ोर देना ज़रूरी है. उत्तम ब्राह्मणवाडे ने यह भी मांग की है कि एडमिनिस्ट्रेशन अलग-अलग डिपार्टमेंट के ज़रिए लोगों में जागरूकता फैलाए, एनवायरनमेंट फ्रेंडली एक्टिविटी को बढ़ावा दे और युवाओं, सोशल ऑर्गनाइज़ेशन और वॉलंटरी ऑर्गनाइज़ेशन को शामिल करके बड़े पैमाने पर लोगों का मूवमेंट बनाए. क्योंकि बढ़ते तापमान से खेती, हेल्थ और पानी के सिस्टम पर असर पड़ रहा है, इसलिए सभी को पर्यावरण बचाने की ज़िम्मेदारी लेनी होगी. उत्तम ब्राह्मणवाडे और कॉर्पोरेटर वासुदेव लोखंडे ने भी माना है कि भविष्य में पर्यावरण से जुड़ी मुश्किलों पर असरदार कंट्रोल तभी पाया जा सकता है जब पेड़ लगाना स़िर्फ एक कैंपेन न होकर लोगों का आंदोलन बन जाए.

Back to top button