सिविल इंजीनियरिंग के छात्रों ने 1 लाख का पुरस्कार जीता
प्रो. राम मेघे इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च, बडनेरा

अमरावती/दि.25- स्थानीय विदर्भ युवा कल्याण सोसायटी द्वारा संचालित प्रो. राम मेघे इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च, बडनेरा के सिविल इंजीनियरिंग विभाग और कुला कासा फाउंडेशन के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए. इसका उद्देश्य छात्रों की शैक्षणिक बुद्धिमत्ता का उपयोग करके यह पता लगाना था कि जंगली जानवरों और मानव संसाधनों का उपयोग करके मेलघाट जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में पानी को प्रचुर मात्रा में कैसे बनाया जाएं.
कुला कासा की स्थापना एडवोकेट श्री उदयजी देशमुख ने 2013 में की थी. कुला का मतलब है बाघ और कासा का मतलब है भूमि, यानी बाघों की भूमि. इस संगठन का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण और प्रकृति संरक्षण के माध्यम से बाघों के प्राकृतिक स्व की रक्षा करना है. साथ ही, इस संगठन ने स्थानीय मेलघाट के निवासियों के लिए विभिन्न गतिविधियों को सफलतापूर्वक लागू किया है.
इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए महाविद्यालय के प्रा. शशिकांत देशमुख और प्रा. ऋषिकेश लंगोटे ने भरसक प्रयास किया. प्रतियोगिता का विषय था कि वन में प्राकृतिक या कृत्रिम रूप से वन्यजीवों के लिए छोटे-छोटे पानी के तालाब कैसे बनाएं. वास्तुकला विभाग के दूसरे और तीसरे वर्ष के विद्यार्थियों की 10 टीमों ने प्रतियोगिता में भाग लिया. विद्यार्थियों ने अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए और प्रतियोगिता के निर्णायकों के सामने प्रस्तुत किए.
प्रतियोगिता के परिणाम गत 18 अप्रैल को अर्जुन के.आर. (उप वन अधिकारी अमरावती संभाग) और कुलाकासा के अध्यक्ष एड. उदयजी देशमुख, संजयजी जगताप, सेवानिवृत्त जिला वन अधिकारी, श्री राजेंद्रजी पाथरे, माननीय एड. घनश्याम ढोले, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गजेंद्र बमनोटे, विभागाध्यक्ष डॉ. नितिन इंगोले की उपस्थिति में सर्वश्रेष्ठ तीन पुरस्कारों का चयन किया गया. सभी सहभागी विद्यार्थियों को एक लाख के पुरस्कार और सम्मान पत्र से सम्मानित किया गया. साथ ही, प्रोग्राम के चीफ गेस्ट श्री अर्जुन के.आर. ने इच्छा जताई कि चुने गए कॉन्सेप्ट का इस्तेमाल मेलघाट में जंगली जानवरों की पानी की दिक्कतों को दूर करने के लिए किया जाएगा. इस कॉम्पिटिशन के लिए विदर्भ यूथ वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. नितिनजी धांडे, उपाध्यक्ष एडवोकेट उदयजी देशमुख,कोषाध्यक्ष डॉ. हेमंतजी देशमुख, सचिव युवराजसिंहजी चौधरी, सदस्य श्री नितिनजी हिवसे, डॉ. पूनमताई चौधरी, श्री पंकजजी देशमुख, प्रो. विनयजी गोहद, श्री गजाननजी काले और कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. गजेंद्र बमनोटे ने विनर की तारीफ़ की और सभी स्टूडेंट रिसर्चर्स को अगले कॉम्पिटिशन के लिए शुभकामनाएं दी.





