चांदुर बाजार में बादल फटा, 1 मृत,1 लापता
करजगांव व शिरजगांव में 83 मिमी.बारीश दर्ज

* सभी नदी-नालों में पानी जबरदस्त उफान
* मकानों-दुकानों सहित खेत-खलिहानों में घुसा पानी
* रिहायशी एवं व्यवसायिक क्षेत्रों में जबरदस्त नुकसान
अमरावती/दि.2– जिले की चांदुर बाजार तहसिल अंतर्गत करजगांव व शिरजगांव परिसर में विगत रविवार को 24 घंटों के दौरान 83 मिमी. बारीश दर्ज की गई. यह एक तरह से बादल फटने वाली स्थिति रही. जिसके चलते पूरे तहसिल क्षेत्र के सभी नदी-नालों में जबरदस्त बाढ आने के साथ ही पानी का बहाव पूरे उफान पर रहा. इसी दौरान शिरजगांव कसबा के पास पांढरी गाव के दो किसान चारघड नाले बने पूल से होकर गुजर रहे थे. जो पानी के तेज बहाव में बह गए. जिसमें से रविंद्र रामभाउ आवारे (55) नामक किसान का शव अगले दिन बरामद हुआ.वही गोपाल निरवार नामक दूसरे किसान की अब भी खोजबीन जारी है. वही दूसरी ओर शिरजगांव व करजगांव सहित पूरे परिसर में 24 घंटे के दौरान हुई जबरदस्त बारिश की वजह से हाहाकार वाली स्थिति रही. तथा मकानों-दूकानों सहित खेत-खलिहानों में बाढ व बारिश का पानी जा घुसा. जिसके चलते रिहायशी व व्यवसायी क्षेत्रों में काफी बडे पैमाने पर नुकसान हुआ है.
इस संदर्भ में मिली जानकारी के अनुसार, पांढरी गाववासियों की मुख्य बाजार पेठ शिरजगांव में रहने के चलते पांढरी गाववासी हमेशा ही शिरजगांव आनाजाना करते है. जिसके चलते रविंद्र आवारे व गोपाल निरवार भी विगत रविवार को किसी काम के चलते किसी काम के वजह से अपनी दुपहिया को सवार होकर पांढरी गांव से शिरजगांव आए थे. परंतु रात में वापसी के समय मुसलाधार बारिश शुरू हो जाने के चलते उन्होंने अपना दुपहिया वाहन शिरजगांव में ही रख दिया और तीन किमी. की दूरी पर स्थित पांढरी गांव की और पैदल ही जाने के लिए निकले.परंतु रास्ते में रहनेवाले नाले पर बने पूल को पार करते समय उन्हें पानी के तेज बहाव का अंदाजा नहीं आया और वे दोनों भी पानी के तेज बहाव में बह गए. इस बात का पता चलते ही सोमवार की सुबह से ग्रामीणों एवं प्रशासन ने खोजबीन करनी शुरू कर दी थी. जिसके बाद घटना स्थल से करीब 2 किमी. की दूरी पर सुधाकर सावरकर के खेत के पास नाले की झाडियों में रविंद्र आवारे का शव फसा हुआ पाया गया. जब कि, गोपाल निरवार का देर शाम तक कहीं कोई पता नही चल पाया. वही सोमवार की दोपहर 3 बजे के आसपास शिरजगांव परिसर में एक बार फिर जोरदार बारिश हुई. जिसके चलते खोज अभियान में काफी दिक्कते पैदा हुई.
जिसके अलावा मध्यप्रदेश के सतपुडा पर्वतीय क्षेत्र में हुई मुसलाधार बारिश की वजह से मेघा नदी में काफी जबरदस्त बाढ आयी. जिसका सीधा परिणाम सीमार्वतीय क्षेत्र में स्थिति शिरजगांव कसबा परिसर में हुआ.इस परिसर में सभी नदी-नाले उफान पर आकर बहने लगे. जिसके चलते गांव के किनारे से होकर गुजरनेवाले नाले का पानी सीधे आठवडी बाजार सहित रिहायशी परिसर में जा घुसा.
आवाजाही रही ठंप, रात 2 बजे गांव रहा अंधेरे में
रविवार की रात करीब 2 घंटे तक मुसलाधार बारिश होने के चलते ब्राम्हणवाडी थडी, शिरजगांव व परतवाडा मार्ग पर स्थित कई नालों में बाढ आ गई थी. जिसकी वजह से इस रास्ते पर करीब 4 से 5 घंटे तक यातायात ठंप रहा. साथ ही रात 8 बजे विद्युत आपूर्ति खंडीत हो जाने के चलते गांववासियों को रात 2 बजे तक अंधेरे का सामना करना पडा.
* 2 से 4 जुलाई के दौरान जोरदार बारिश की संभावना
अमरावती व आसपास के जिलो में 2 से 4 जुलाई के दौरान मध्यम से मुसलाधार बारिश होने की संभावना है. इस समय बंगाल की खाडी पर कम दबाव वाला पट्टा सक्रिय है. जिसके चलते जिले सहित आसपास के परिसर में अगले दो-तीन जोरदार बारिश होने की आशंका जताई जा रही है.