विधायक सुनील शिंदे का सुझाव स्वीकार, कार्रवाई अब भी लंबित

अचलपुर में दलित बस्ती सुधार निधि गबन मामला

अमरावती /दि.2- अचलपुर नगर परिषद में अनुसूचित जाति बस्ती सुधार योजना (दलित बस्ती सुधार निधि) में कथित करोड़ों रुपये के गबन का मामला एक बार फिर चर्चा में है. आरोप है कि राज्य मानवाधिकार आयोग के निर्देशों के बावजूद शहरी विकास विभाग ने अब तक दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की है.
इस मुद्दे को विधान परिषद में विधायक सुनील शिंदे ने प्रभावी ढंग से उठाया. उन्होंने नियम 271 के तहत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से मामले में कार्रवाई की मांग की, जिसे राज्य सरकार ने स्वीकार कर लिया. हालांकि, आयोग के निर्देश और सरकार की सहमति के बावजूद एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने पर भी मामला शहरी विकास विभाग में लंबित है. सरकार दलित बस्तियों के विकास तथा वहां मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेष अनुदान देती है. आरोप है कि अचलपुर नगर परिषद में इस निधि का दुरुपयोग किया गया. सामाजिक कार्यकर्ता किशोर मोहोड़ ने इस मामले को संबंधित प्राधिकरण के समक्ष उठाया, जिसके बाद यह विषय विधायक सुनील शिंदे के संज्ञान में आया और उन्होंने इसे विधान परिषद में प्रमुखता से रखा.
मामले में यह भी सामने आया है कि राज्य सरकार और राज्य मानवाधिकार आयोग ने दोषियों के विरुद्ध आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे, लेकिन छह माह बीतने के बाद भी स्थानीय प्रशासन ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की. अब जबकि सरकार ने विधायक सुनील शिंदे के सुझाव को स्वीकार कर लिया है, इस मामले में दोषियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई और दलित बस्ती सुधार निधि के दुरुपयोग की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है.

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