कमर्शियल सिलेंडर 43 रुपए महंगा
होटल और कैटरिंग व्यवसाय पर संकट बढा

* महंगा होगा बाहर खान-पान
अमरावती/दि.2 – केंद्र सरकार अधीन तीनों प्रमुख तेल कंपनियों ने घरेलू एलपीजी के दाम में छेडछाड न करते हुए जहां सामान्य लोगों को राहत दी है. वहीं 19 किलो के कमर्शियल गैस सिलेंडर के रेट लगातार तीसरे माह बढाते हुए इस बार 43 रुपए 50 पैसे की बढोतरी की है. फलस्वरुप होटल और कैटरिंग व्यवसाय का संकट बढ गया है. बाहर खान-पान महंगा हो गया है. जिससे आनेवाले दिनों में महंगाई का तडका बढने की पूरी आशंका बताई जा रही है. सरकार हाल ही में 11 दिनों में चार बार पेट्रोल और डीजल के रेट भी बढा चुकी है. जिससे कई जरुरी सामान के रेट बढना लाजमी है.
* अमरावती में 3292 रेट
कमर्शियल सिलेंडर पिछले माह की मूल्यवृद्धि के बाद 3248 रुपए हो गया था. अब उसका दाम 3292 हो जाने की जानकारी स्थानीय विक्रेताओं ने दी. बता दें कि, तीन माह में बार-बार रेट बढाए जाने से कमर्शियल सिलेंडर के रेट दोगुना हो चुके है. फलस्वरुप होटल और कैटरिंग का व्यवसाय करना मुश्किल हो गया है.
* चौतरफा मार, व्यवसाय पर संकट
होटल और कैटरिंग कारोबारियों से चर्चा की तो उन्होंने अमरावती मंडल को बताया कि, केवल गैस सिलेंडर का ही मुद्दा नहीं है. व्यवसाय पर चौतरफा मार आ रही है. कच्चा माल महंगा हो गया है. माल ढुलाई महंगी हो गई है. मिर्च-मसाले महंगे हो गए हैं. खानसामा का वेतन बढाना पड रहा है. फलस्वरुप होटल कारोबार संकट में आ गया है.
* जल्द लेंगे बडा डिसीजन
अमरावती के रेस्टॉरेंट एंड लॉजिंग एसो. के पदाधिकारियों ने अमरावती मंडल से चर्चा में मोदी सरकार के प्रति बडी नाराजगी व्यक्त की और कहा कि, शीघ्र एसो. की बैठक आयोजित कर बडा डिसीजन लेना पडेगा. मेनू के रेट बढाने के सिवाय चारा नहीं है. घाटे में धंधा नहीं कर सकते. या फिर होटल व्यवसाय बंद करना पडेगा. अनेक होटल संचालकों ने चर्चा दौरान कहा कि, खर्चे लगातार बढने से परिवारों की आउटिंग भी कम हो रही है. फलस्वरुप होटल का रोज का व्यवसाय कम हो रहा है. ऐसे में कुछ कडे डिसीजन लेने पडेंगे, ऐसा लगता है.

* मिलकर संगठन करेगा निर्णय
एसो. के अध्यक्ष बिट्टू सलूजा ने अमरावती मंडल से चर्चा में कहा कि, केवल अमरावती की बात नहीं है, समस्त देश की यह समस्या है. निश्चित ही होटल और कैटरिंग कारोबार पर लगातार महंगे होते सिलेंडर और अन्य चीजों के दामों का असर पड रहा है. इसलिए अगले दो दिनों में संगठन की मीटिंग लेकर निर्णय करना पडेगा.





