लंबित मांगों को लेकर आरटीओ कर्मचारियों का प्रदर्शन
16 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

अमरावती/दि.2 – राज्यभर के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) में कार्यरत कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन किया. शासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए आयोजित इस आंदोलन के तहत अमरावती सहित राज्य के सभी आरटीओ कार्यालयों के सामने कर्मचारियों ने दो घंटे तक निदर्शन कर अपनी नाराजगी जताई. कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा.
मोटर वाहन विभाग कर्मचारी संघटना के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में कर्मचारियों ने कहा कि विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और सेवा संबंधी मुद्दे लंबे समय से मंत्रालय स्तर पर लंबित हैं. इसके कारण कर्मचारियों को आर्थिक, सामाजिक और व्यावसायिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. बार-बार मांग उठाने के बावजूद शासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों में भारी असंतोष है. संघटना ने आंदोलन की तीन चरणों वाली रूपरेखा भी घोषित की है. इसके तहत 2 जून को दो घंटे का सांकेतिक प्रदर्शन किया गया. यदि मांगों पर निर्णय नहीं हुआ तो 9 जून को एक दिवसीय लाक्षणिक हड़ताल की जाएगी और इसके बाद भी समाधान नहीं निकला तो 16 जून से राज्यभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी. कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी के कुल 23 पदों पर पदोन्नति प्रस्तावों को तत्काल मंजूरी देना शामिल है. कर्मचारियों का कहना है कि ये प्रस्ताव लंबे समय से मंत्रालय स्तर पर लंबित पड़े हैं, जिससे पदोन्नति के पात्र कर्मचारियों को आर्थिक और सामाजिक नुकसान हो रहा है.
इसके अलावा कार्यालय अधीक्षक पद के सेवा प्रवेश नियमों को शीघ्र मंजूरी देने, सहायक मोटर वाहन अभियोजक पद के लिए सेवा प्रवेश नियम तैयार करने तथा वर्ग-3 संवर्ग के सभी पदों के सेवा प्रवेश नियम बनाने की भी मांग की गई है. कर्मचारियों का कहना है कि सेवा नियमों के अभाव में विभाग में कार्यरत कई योग्य कर्मचारियों के कैरियर विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. संघटना ने लिपिक-टंकलेखक और वरिष्ठ लिपिक पदों का नाम बदलकर क्रमशः ‘परिवहन सहायक’ और ‘वरिष्ठ परिवहन सहायक’ किए जाने की भी मांग रखी है. साथ ही वरिष्ठ लिपिक और कार्यालय अधीक्षक पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को आश्वासित प्रगति योजना का लाभ तत्काल प्रदान करने की मांग की गई है.
इसके अतिरिक्त, जिन कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति समाप्त की गई है, उनकी संबंधित विभागों में स्थायी बदली किए जाने तथा परिवहन आयुक्त कार्यालय के प्रशासन विभाग के कुछ कर्मचारियों पर वर्ष 2005 के बदली कानून को लागू करने की भी मांग कर्मचारियों ने उठाई है. प्रदर्शन के दौरान मोटर वाहन विभाग कर्मचारी संगठना के राज्य उपाध्यक्ष एवं अमरावती विभाग अध्यक्ष अनिल मानकर ने कहा कि कर्मचारियों की मांगें पूरी तरह न्यायसंगत हैं और लंबे समय से प्रलंबित हैं. यदि शासन ने जल्द ही सकारात्मक निर्णय लेकर इन मुद्दों का समाधान नहीं किया, तो आगामी चरणों में आंदोलन और अधिक व्यापक एवं तीव्र रूप धारण करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी.
इस अवसर पर अभिजीत गावंडे, अक्षय राठोड, स्वप्निल खडसे, अमोल माटोडे, अनिल मेश्राम, आशिष माथुरकर, अरुण वाघमारे, ज्ञानेश्वर काले, अश्विनी चव्हाण, रस्मिता पवार, शारदा हेडाऊ, प्रतिभा ठाकरे, प्रीती डोंगरे, मीनल गिरे, वर्षा कोटरंगे, यशवंत रामटेके, देवानंद खंडारे, प्रवीण मुंगले, सोहम हेमणे, प्रवीण तायवाडे, मनोज खोब्रागडे, संजय चौधरी, जयसिंग राठोड, पराग जाधव, देवेंद्र कलमकर, शिला रणदिवे सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी आंदोलन में शामिल हुए. कर्मचारियों के इस आंदोलन से आगामी दिनों में आरटीओ सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है. अब सभी की नजर शासन की प्रतिक्रिया और कर्मचारियों की मांगों पर लिए जाने वाले निर्णय पर टिकी हुई है.





