करंट लगने से दंपति और दो बैलों की मौत
महावितरण की लापरवाही से उजड़ा परिवार

* बेटा बाल-बाल बचा, धारणी तहसील के भोकरबर्डी की घटना
धारणी /दि.6- मेलघाट के धारणी तहसील के भोकरबर्डी गांव में रविवार सुबह दर्दनाक हादसे में करंट लगने से एक दंपति और उनके दो बैलों की मौत हो गई. हादसे में दंपति का बेटा बाल-बाल बच गया. घटना के बाद ग्रामीणों में महावितरण के प्रति भारी आक्रोश है और लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की जा रही है. मृतकों की पहचान अमरसिंह बाबू जाम्बेकर (50) और उनकी पत्नी मुन्नी अमरसिंह जाम्बेकर (45), निवासी भोकरबर्डी, के रूप में हुई है.
जानकारी के अनुसार, दंपति रविवार सुबह खेत में दवा छिड़काव का काम पूरा कर बैलगाड़ी से घर लौट रहे थे. रास्ते में नाले को पार करते समय झुके हुए बिजली के खंभे से लटके तार पानी के संपर्क में आ गए थे, जिससे पूरे नाले में करंट फैल गया. जैसे ही बैलगाड़ी के दोनों बैल पानी में उतरे, वे करंट की चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई. अपने बैलों को बचाने के लिए अमरसिंह और उनकी पत्नी मुन्नी आगे बढ़े, लेकिन दोनों भी तेज करंट की चपेट में आ गए. गंभीर रूप से झुलसे दंपति को तत्काल धारणी उपजिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटना के समय दंपति का बेटा विजेश बैलगाड़ी के साथ पैदल चल रहा था. वह करंट की चपेट में आने से बच गया. हादसे के बाद उसने गांव पहुंचकर बिजली आपूर्ति बंद करवाई और ग्रामीणों को सूचना दी. ग्रामीणों की मदद से दंपति को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी.
* ग्रामीणों में आक्रोश, कार्रवाई और मुआवजे की मांग
ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली का खंभा पहले से झुका हुआ था और इसकी शिकायत के बावजूद समय पर मरम्मत नहीं की गई. उनका कहना है कि यदि महावितरण ने समय रहते बिजली लाइन और खंभे की मरम्मत की होती तो यह हादसा टल सकता था. ग्रामीणों ने दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई और मृतक परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता देने की मांग की है.
* पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही धारणी पुलिस निरीक्षक शेषराव नितनवरे के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची. पुलिस ने पंचनामा कर जांच शुरू कर दी है. प्रारंभिक जांच में झुके हुए बिजली के खंभे और पानी के संपर्क में आए विद्युत तारों को हादसे का कारण माना जा रहा है.
* सवालों के घेरे में बिजली व्यवस्था
इस हादसे ने मेलघाट क्षेत्र में बिजली व्यवस्था की सुरक्षा और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नियमित निरीक्षण और समय पर मरम्मत होती तो दो लोगों और दो बेजुबान पशुओं की जान नहीं जाती. अब पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों की जवाबदेही तय करने की मांग तेज हो गई है.





