नागपुर में डॉक्टर ने अस्पताल में की आत्महत्या
पांच दिन से नहीं गए थे घर

नागपुर/दि.22- शहर के धंतोली थाना क्षेत्र स्थित न्यूरॉन्स ब्रेन ट्रीटमेंट अस्पताल में कार्यरत 42 वर्षीय चिकित्सक डॉ. ईश्वर चांदेवार ने सोमवार सुबह कथित रूप से आत्महत्या कर ली. घटना सामने आने के बाद चिकित्सा क्षेत्र में हड़कंप मच गया है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वे पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव से गुजर रहे थे और पांच दिनों से अपने घर भी नहीं गए थे.
मानेवाड़ा निवासी डॉ. ईश्वर चांदेवार अस्पताल के प्रशासनिक विभाग से भी जुड़े रहे थे. सोमवार सुबह ड्यूटी के बाद वे अपने कक्ष में गए. काफी देर तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर सहकर्मियों ने दरवाजा खोलने का प्रयास किया, लेकिन वह अंदर से बंद था. अस्पताल प्रशासन और पुलिस की मदद से दरवाजा खोला गया तो वे अचेत अवस्था में मिले. जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उन्होंने स्वयं को बेहोशी का इंजेक्शन लगाया था. अधिक मात्रा में दवा लेने के कारण उनकी मृत्यु होने की आशंका जताई जा रही है. हालांकि मौत के सटीक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी. धंतोली पुलिस ने पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है. पुलिस ने उनका मोबाइल फोन जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है और सभी संभावित पहलुओं से मामले की जांच कर रही है.
सूत्रों के अनुसार डॉ. ईश्वर का प्रेम विवाह हुआ था और पिछले कुछ समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था. इसी कारण वे मानसिक तनाव में थे. सहकर्मियों ने भी पुलिस को बताया कि वे पिछले पांच दिनों से घर नहीं गए थे. इस घटना ने एक बार फिर चिकित्सा क्षेत्र में बढ़ते मानसिक दबाव और चिकित्सकों के मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है. पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है.





