चोरी में भी ‘कार्पोरेट’ शान, 3 हजार रूपए की रोजंदारी और लक्झरी कार

विद्युत तार चुरानेवाली टोली को ग्रामीण एसीबी ने पकडा

अमरावती/ दि.4- किसी कंपनी की तरह काम करते हुए चोरी करने के लिए बाकायदा वेतन पर युवकों को काम पर रखकर विद्युत कारों को चुरानेवाली एक पेशीवर टोली का पर्दाफाश ग्रामीण अपराध शाखा के पुलिस पथक द्बारा किया गया. इस कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से चोरी की वारदातों में प्रयुक्त कार तथा चुराए गये विद्युत कार मिलाकर कुल 5 लाख 20 हजार रूपए का माल जब्त किया गया है.
बता दें कि जिले में विगत कुछ दिनों से विद्युत खंबों से एल्युमिनियम के तार चोरी होने का प्रमाण काफी बढ गया था. इन सभी मामलों की जांच कर रहे एलसीबी के पुलिस उप निरीक्षक मुलचंद भांबुरकर को विगत शनिवार सूचना मिली कि शुभम उताणे नामक संदेहित आरोपी नवसारी चौक परिसर में खडा है. जिसे एलसीबी के दल ने तुरंत अपनी हिरासत में लिया और उससे कडाई के साथ पूछताछ की तो उसने अपने तीन अन्य साथीदारों के नाम बताए. जिन्हें पुलिस ने तुरंत गिरफ्तार किया. पकडे गये आरोपियों में शुभम उताणे (21, सिध्दार्थ नगर), कृष्णा रायकवार (20, विलासनगर), व सचिन उताणे (36, हर्षराज कॉलनी) सहित एक अन्य का समावेश है.
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद, अपर पुलिस अधीक्षक पंकज कुमावत, एलसीबी के पीआय किरण वानखडे के मार्गदर्शन में पीएसआय मूलचंद भांबुरकर, अमोल देशमुख, सुधीर बावने, मंगेश लकडे, सचिन मसांगे, दिनेश कनोजिया व सायबर सेल की टीम द्बारा की गई.
बता दे कि विगत 14 अप्रैल को महावितरण के सहायक अभियंता सुदाम काकमोडे ने विद्य ुत तार की चोरी को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी. जिसके आधार पर अब आरोपियों की गिरफ्तारी के चलते लोनी मंगरूल चव्हाला और बडनेरा थाना क्षेत्र में हुई विद्युत तारों की चोरी के चार मामले उजागर हुए है. इस गिरोह ने चोर माहुली से कोठोडा रास्ता व धारफल परिसर से करीब 3800 मीटर एल्युमिनियम तार चुराई थी.
पुलिस भी पडी हैरत में
इस टोली के काम करने का तरीका देखकर पुलिस भी हैरत मेें पड गई. इस टोली का मुख्य सूत्रधार शेख अंसार शेख सत्तार (52,अराफात कॉलनी), चोरी करने हेतु 3 हजार रूपए रोज का वेतन दिया करता था. खास बात यह भी है कि चोरी करने के लिए सभी आरोपी एक आलीशान कार में बैठकर जाया करते थे. रात के समय सीमेंट खंबे पर लगे रहनेवाले विद्युत तारों को रस्सी की सहायता से खींचकर नीचे लाया जाता था और फिर उसे काटकर उसका बंडल बनाते हुए तार को चुरा लिया जाता था. पश्चात उक्त एल्युमिनियम तार को अमरावती के जवाहर गेट परिसर स्थित एक व्यापारी के पास लाकर बेच दिया जाता था.

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