243 विद्यार्थियों ने लिखे एक जैसे उत्तर!
उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में सामने आया सामूहिक नकल का मामला

* नागपुर शिक्षा मंडल के अध्यक्ष डॉ. शिवलिंग पटवे द्वारा उठाया गया कड़ा कदम
नागपुर/दि.2- राज्य माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा बारहवीं का परिणाम घोषित किया गया है. इसमें नागपुर विभाग के परिणाम में 2 प्रतिशत की गिरावट होकर वह 88.67 प्रतिशत रहा है. विभाग के परिणाम में गिरावट हुई है, फिर भी नागपुर विभाग ने परीक्षा में कड़ी कार्रवाई की है, यह दिखाई देता है. पारदर्शी परीक्षा का उत्तम उदाहरण यह है कि शिक्षा मंडल ने कुल 243 विद्यार्थियों पर कड़ी कार्रवाई की है. उत्तरपुस्तिकाएं जांचते समय इन सभी विद्यार्थियों ने एक जैसे उत्तर लिखे होने का सामने आया. इसलिए ऐसे सभी विद्यार्थियों को उस विषय में अनुत्तीर्ण किया गया. नागपुर शिक्षा मंडल के अध्यक्ष डॉ. शिवलिंग पटवे ने यह कड़ी कार्रवाई की, यह विशेष है.
क्या है पूरा मामला?
गोंदिया जिले के माउली कनिष्ठ महाविद्यालय कोदुर्ली इस स्कूल में जीवविज्ञान विषय के पेपर में एक जैसे उत्तर लिखे गए. इस स्कूल के 125 विद्यार्थियों का इसमें समावेश था. इसी तरह वर्धा जिले के समुद्रपुर तहसील के वाशी गांव स्थित जे. डी. चौधरी स्कूल में भी ऐसा ही मामला सामने आया. यहां के 118 विद्यार्थियों ने जीवविज्ञान का पेपर एक जैसा लिखा. उत्तरपुस्तिकाएं जांचते समय नियमक के ध्यान में यह बात आई. इसके बाद उन्होंने शिक्षा मंडल के पास इस संबंध में शिकायत की. इसके बाद पूरी प्रक्रिया की जांच की गई. इसके लिए विद्यार्थियों को भी बोर्ड में बुलाया गया था. इसके बाद पूरी जांच करने पर सामूहिक नकल होने का निष्कर्ष निकला. इस कारण शिक्षा मंडल ने कुल 243 विद्यार्थियों को अनुत्तीर्ण किया.
* शिक्षक, मुख्याध्यापक, संस्था पर भी कार्रवाई
इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए शिक्षा मंडल के विभागीय अध्यक्ष शिवलिंग पटवे ने बताया कि इस मामले में विद्यार्थियों को अनुत्तीर्ण किया गया है और इन दोनों स्कूलों के परीक्षा केंद्र हमेशा के लिए रद्द कर दिए गए हैं. इसके अलावा इस मामले में नकल करने में मदद करने वाले शिक्षकों पर भी कड़ी कार्रवाई होगी. उनकी जांच शुरू है. इसके साथ ही स्कूल के मुख्याध्यापक और संस्था पर भी कार्रवाई की जाएगी, ऐसा भी पटवे ने बताया.
* कितने विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए
इस वर्ष कक्षा 12 वीं की परीक्षा हेतु नागपुर विभाग से 1 लाख 53 हजार 256 नियमित विद्यार्थियों ने पंजीकरण किया था. उनमें से 1 लाख 52 हजार 230 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी. उनमें से 1 लाख 34 हजार 988 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए. उनकी प्रतिशतता 88.67 है. कोरोना काल में नागपुर विभाग के परिणाम की प्रतिशतता 97 प्रतिशत तक पहुंच गई थी. लेकिन पिछले चार वर्षों से ये छूट बंद होते ही परिणाम में गिरावट आई है. नागपुर विभाग के अनुसार देखा जाए तो गोंदिया जिले का परिणाम सबसे अधिक रहता है.





