सेंट्रल जेल में फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट का खेल

अमरावती/ दि.4- कारागार से अभिवचन अवकाश यानी पैरोल मिलने हेतु फर्जी दस्तावेजाेंं का सहारा लेने के मामले अब तक रूके नहीं है. हाल ही में अमरावती सेंट्रल जेल के एक कैदी ने अपने पिता के नाम पर जिला सामान्य अस्पताल का फर्जी मेडिकल प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर जेल प्रशासन के साथ जालसाजी करने का प्रयास किया. इस मामले के उजागर होते ही फ्रेजरपुरा पुलिस ने 2 मई को संबंधित कैदी के खिलाफ अपराधिक मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू की.
इस संदर्भ में मिली जानकारी के मुताबिक अमरावती सेंट्रल जेल में सजा भुगत रहे कैदी स्वप्निल अजाबराव खरपे (39, अमरावती) ने खुद को पैरोल मिलने हेतु जेल प्रशासन के पास आवेदन किया था और आवेदन के साथ अपने पिता के वैद्यकीय उपचार का प्रमाणपत्र जोडा था. मुख्य प्रमाणपत्र अमरावती के जिला सामान्य अस्पताल से लिए जाने का दावा स्वप्निल खरपे द्बारा किया गया था. जिसके चलते कारागार प्रशासन ने प्रमाणपत्र की पडताल करने हेतु जिला सामान्य अस्पताल से पूछताछ की तब जिला सामान्य अस्पताल द्बारा अपनी रिपोर्ट देते हुए कहा गया कि अजाबराव खरपे के नाम पर ऐसा कोई प्रमाणपत्र जिला सामान्य अस्पताल से जारी ही नहीं हुआ. जिससे यह स्पष्ट हो गया कि स्वप्निल खरपे ने खुद को पैरोल मिलने हेतु फर्जी प्रमाणपत्र तैयार कर उसे पेश किया. इस जानकारी के सामने आते ही जेल प्रशासन ने कैदी स्वप्निल खारपे के खिलाफ फ्रेजरपुरा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई. यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि इससे पहले 1 मार्च को भी फे्रजरपुरा पुलिस ने अमरावती सेंट्रल जेल में बंद रहने वाले 15 कैदियों के खिलाफ लिखित स्वरूप के अपराध दर्ज किए थे. मामले की जांच उप निरीक्षक वैभव कालबांडे द्बारा की जा रही है.





