राजुरा बाजार में मिरची उत्पादकों का शोषण!

उचित बाजार मूल्य और पारदर्शी रेट प्रणाली हेतु प्रशासन से गुहार

* उत्पादकों ने दी तीखे आंदोलन की चेतावनी
अमरावती/दि.19 – राजुरा बाजार के हरी मिर्च उत्पादक किसानों का शोषण होने का आरोप किया जा रहा है. किसानों ने वरुड तहसील अंतर्गत मिर्च उत्पादकों को उनके उत्पाद का अच्छा रेट मिलने की अपेक्षा व्यक्त की है. अच्छे रेट न मिलने पर आंदोलन करने की चेतावनी भी कृषक वर्ग दे रहा है. उल्लेखनीय है कि, दो रोज पहले ही अमरावती मंडल ने खबर प्रकाशित की थी. मिरची उत्पादक किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाने संबंधी समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था. विदर्भ के मिरची को दाम नहीं मिलने से किसान 2-3 रुपए किलो माल बेचने मजबूर हुए थे. गुस्से में कई किसानों ने माल मंडी लाकर फेंक दिया था.
राजुरा बाजार हरी मिर्च के मार्केट के रुप में प्रसिद्ध है. विदर्भ के अनेक भागों से मिर्च उत्पादक किसान यहां लाकर अच्छे दाम की आशा में अपना माल बेचते है. जिससे अच्छा टर्नओवर यहां रहा है. ऐसे में अब कृषकों का आरोप है कि, व्यापारियों द्वारा औसत मार्केट रेट से कम दाम पर माल खरीदी की जा रही है. समय पर मार्केट रेट घोषित नहीं किए जाते. मार्केट में आवक के आधार पर रेट तय किए जाते हैं. यह रेट काफी कम होने का आरोप भी किसानों ने लगाया है. उत्पादन की लागत भी वसूल नहीं हो पाने से नुकसान होने की शिकायत किसानों ने की है.
किसानों का कहना है कि, रोज शाम 7 बजे हरी मिर्च के अधिकृत रेट जारी किए जाने चाहिए. माल की आवक देखकर जानबूझकर रेट कम करने की साजिश पर अंकुश लगाए जाने अथवा किसानों का शोषण करनेवाले व्यापारियों व संबंधित लोगों पर कार्रवाई की मांग उठाई गई है. माकोट के रेट, विक्री व्यवहार में पारदर्शीता बनाए रखने, प्रशासन से निगमित निगरानी और जांच की अपेक्षा भी निवेदन में व्यक्त की गई. प्रतिवेदन पर अमोल भुयार, अंकुश बोडनासे, मनीष धोटे, सुशील बेले, लीकेश खंते सहित हरी मिर्च उत्पादक किसानों के हस्ताक्षर है. किसानों ने मांगों पर ध्यान दिए जाने की स्थिति में तीव्र आंदोलन करने की भी चेतावनी दी है.

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