एफडीए की सख्त कार्रवाई से होटल कारोबारियों में हलचल

‘तुकाराम मुंढे इफेक्ट’

* पुराने अन्न सुरक्षा अधिकारियों की मांग बढ़ी
* कार्रवाई से पहले होटल-रेस्तरां में प्रिवेंटिव ऑडिट का चलन बढ़ा
अमरावती /दि.11 – महाराष्ट्र में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की सख्त कार्रवाई के चलते होटल और रेस्टोरेंट संचालकों में हलचल बढ़ गई है. एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बाद होटल व्यवसायियों ने कार्रवाई से बचने के लिए अपने प्रतिष्ठानों में पहले से ही जांच और सुधार की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
बताया जा रहा है कि कई होटल संचालक अपने किचन की स्वच्छता, खाद्य पदार्थों के रखरखाव और खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच के लिए पूर्व अन्न सुरक्षा अधिकारियों को निजी सलाहकार के रूप में नियुक्त कर रहे हैं. इसके माध्यम से वे एफडीए की संभावित कार्रवाई से पहले कमियों को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं.
* अचानक निरीक्षण से बढ़ी चिंता
तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में एफडीए ने स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने वाले होटल, रेस्टोरेंट, क्लब और कैंटीन के खिलाफ कार्रवाई तेज की है. नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर लाइसेंस निलंबित करने और कुछ मामलों में प्रतिष्ठान सील करने जैसी कार्रवाई की जा रही है. इस सख्ती के चलते होटल संचालकों में यह चिंता बढ़ गई है कि निरीक्षण के दौरान यदि गंभीर खामियां मिलीं तो उन्हें तत्काल कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.
* कार्रवाई से पहले कमियां दूर करने पर जोर
होटल संचालक अब संभावित निरीक्षण से पहले अपने प्रतिष्ठानों का प्रिवेंटिव फूड सेफ्टी ऑडिट कराने पर जोर दे रहे हैं. इसमें किचन की साफ-सफाई, खाद्य सामग्री का भंडारण, एक्सपायरी डेट, पानी की गुणवत्ता, कर्मचारियों की स्वच्छता तथा खाद्य सुरक्षा से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाती है. पूर्व खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को इस काम में अनुभव होने के कारण उनकी सेवाओं की मांग बढ़ने की बात सामने आ रही है.
* ‘मुंढे इफेक्ट’ की चर्चा
एफडीए की बढ़ी हुई सक्रियता को कारोबारियों के बीच अब ‘तुकाराम मुंढे इफेक्ट’ के तौर पर देखा जा रहा है. पहले जहां कई प्रतिष्ठान निरीक्षण के बाद सुधारात्मक कदम उठाते थे, वहीं अब संचालक कार्रवाई से पहले ही नियमों के अनुरूप अपने प्रतिष्ठानों को तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं. खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करना उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है. ऐसे में एफडीए की सख्ती से होटल और रेस्टोरेंट संचालकों पर नियमों के पालन का दबाव बढ़ा है और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर जागरूकता भी बढ़ने की उम्मीद है.

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