35 लाख किसानों को कर्जमुक्त करने पहले चरण की प्रक्रिया शुरू
एक ही दिन में तीन महाराजस्व शिविरों में पहुंचे पालकमंत्री बावनकुले

* किसानों और नागरिकों के लिए कई घोषणाएं
अमरावती /दि. 24– राज्य के राजस्व मंत्री एवं जिले के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने गुरुवार को अमरावती जिले में आयोजित तिवसा, अमरावती और चिखलदरा के तीन महाराजस्व शिविरों में एक ही दिन में उपस्थित होकर नागरिकों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों तक शासकीय सेवाएं सीधे पहुंचाने के उद्देश्य से ‘छत्रपति शिवाजी महाराज महाराजस्व अभियान’ चला रही है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के जन्मदिवस तथा पूर्व उपमुख्यमंत्री स्व. अजितदादा पवार की जयंती के उपलक्ष्य में यह अभियान आयोजित किया जा रहा है.
मंत्री बावनकुले ने कहा कि शिवाजी महाराज के आदर्शों पर आधारित लोकाभिमुख और पारदर्शी प्रशासन की स्थापना के लिए यह अभियान महत्वपूर्ण साबित हो रहा है. इसके माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का समाधान और विभिन्न शासकीय सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है.
* 35 लाख किसानों की कर्जमाफी, 45 लाख को बिजली बिल माफी का लाभ
तिवसा में आयोजित शिविर में पालकमंत्री बावनकुले ने कहा कि राज्य सरकार ने चुनाव के दौरान किसानों की कर्जमाफी और बिजली बिल माफी का जो वादा किया था, उसे पूरा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. उन्होंने बताया कि राज्य के 35 लाख किसानों को कर्जमाफी का लाभ मिलेगा, जिसकी शुरुआत हो चुकी है. वहीं पिछले 15 वर्षों के बकाया बिजली बिल माफ करने के निर्णय से 45 लाख किसानों को लाभ होगा. उन्होंने कहा कि किसानों के लिए उपयोगी पांदन (खेत मार्ग) सड़कों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. अमरावती जिले में सफलतापूर्वक चलाए गए महसूली तंटामुक्त गांव अभियान को अब राज्यभर में लागू किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विवाद कम करने में मदद मिलेगी.
* खेत मजदूरों को भी मिलेगा किसान का दर्जा
पालकमंत्री बावनकुले ने घोषणा की कि कृषि क्षेत्र में कार्य करने वाले मजदूरों को भी किसान का दर्जा देने की दिशा में सरकार काम कर रही है. इससे उन्हें किसानों को मिलने वाली विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं का लाभ प्राप्त हो सकेगा. उन्होंने जिले में नकली बीज बेचने वाले कारोबारियों पर की गई कार्रवाई का उल्लेख करते हुए बताया कि संबंधित कंपनियों के खिलाफ 35 मामले दर्ज किए गए हैं. प्रभावित किसानों को नुकसान भरपाई और दोबारा बुवाई के लिए सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. तिवसा कार्यक्रम में विधायक प्रवीण पोटे, राजेश वानखेडे सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे.
* इर्विन चौक पर बनेगा डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक
अमरावती शहर में आयोजित शिविर में पालकमंत्री बावनकुले ने कहा कि इर्विन चौक स्थित भूमि के अधिग्रहण में सफलता मिली है और वहां डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का भव्य स्मारक बनाया जाएगा. इसके लिए 15 करोड़ रुपये की निधि मंजूर की गई है. उन्होंने कहा कि यह स्मारक विदर्भ के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में शामिल होगा. इसके साथ ही शहर की सुरक्षा बढ़ाने के लिए अमरावती में व्यापक स्तर पर सीसीटीवी नेटवर्क स्थापित किया जाएगा. इस कार्यक्रम में विधायक किरण सरनाईक, रवि राणा, पूर्व सांसद नवनीत राणा, महापौर श्रीचंद तेजवानी और उपमहापौर सचिन भेंडे सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे.
* मेलघाट विकास के लिए विशेष योजनाएं
चिखलदरा में आयोजित शिविर में पालकमंत्री बावनकुले ने कहा कि मेलघाट जैसे दुर्गम आदिवासी क्षेत्र तक बिजली पहुंचाने का कार्य किया गया है. उन्होंने बताया कि 22 गांवों में सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली आपूर्ति के लिए निधि उपलब्ध कराई गई है तथा स्वतंत्र विद्युत उपकेंद्र को भी मंजूरी दी गई है. वनाधिकार पट्टों को नियमित करने की दिशा में भी सरकार कार्य कर रही है. उन्होंने बताया कि आदिवासी परिवारों के वनपट्टों को नियमित कर सात-ई और बारह-ई अभिलेखों में दर्ज करने की प्रक्रिया आगामी तीन माह में पूरी की जाएगी. मेलघाट क्षेत्र में पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए इको-टूरिज्म परियोजनाएं विकसित की जाएंगी. वहीं चिखलदरा पर्यटन विकास आराखड़ा तैयार करने के लिए 50 लाख रुपये की निधि मंजूर की गई है. चिखलदरा कार्यक्रम में विधायक प्रवीण पोटे, केवलराम काले, प्रवीण तायडे, राजेश वानखेडे, नवनीत राणा तथा नगराध्यक्ष शेख अब्दुल उपस्थित थे.
* 15 हजार बच्चों की हृदय जांच
महाराजस्व अभियान के तहत नगरसेवक आल्हाद कलोती की संकल्पना से चिखलदरा में विशेष हृदय रोग जांच शिविर भी आयोजित किया गया. शिविर में 1 से 18 वर्ष आयु वर्ग के 15 हजार बच्चों और किशोरों की टू-डी इको जांच की गई. गंभीर हृदय रोग से पीड़ित पाए गए बच्चों के उपचार का पूरा खर्च शासन द्वारा वहन किया जाएगा. जिले में आयोजित तीनों महाराजस्व शिविरों में विभिन्न शासकीय योजनाओं के लाभार्थियों को प्राथमिक स्तर पर लाभों का वितरण भी किया गया.





