26 को निरामय वेलनेस उपक्रम के तहत कार्यशाला

‘द पॉवर ऑफ ज्युसिंग’ पर डॉ. प्रवीणा काले करेंगी मार्गदर्शन

अमरावती /दि.24 – जूस पीना अधिक फायदेमंद है या फल खाना? जूस सुबह पीना चाहिए या शाम को? क्या जूस में पानी मिलाना चाहिए? मधुमेह, वजन कम करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए कौन-सा जूस उपयुक्त है? ऐसे अनेक सवालों के वैज्ञानिक और सरल उत्तर ’द पॉवर ऑफ ज्युसिंग – साइंस, मिथ्स एंड प्रैक्टिकल हेल्थ’ विषय पर आयोजित विशेष कार्यशाला में दिए जाएंगे.
डॉ. हेडगेवार हॉस्पिटल के ‘निरामय वेलनेस’ उपक्रम के तहत यह कार्यशाला रविवार 26 जुलाई को शाम 5 बजे से 6.30 बजे तक नरहरी मंगल कार्यालय, पूजा कॉलोनी, नरसम्मा कॉलेज के पास में आयोजित होगी. कार्यशाला में मार्गदर्शन डॉ. प्रवीणा काले-शेगोकार करेंगी. वे अमरावती की पहली लाइफस्टाइल मेडिसिन फिजिशियन, पैथोलॉजिस्ट तथा ‘पाथो’लाइफ लाइफस्टाइल मेडिसिन सेंटर’ की संस्थापक हैं. वे वैज्ञानिक जीवनशैली अपनाकर दीर्घकालीन रोगों की रोकथाम और बेहतर स्वास्थ्य के लिए कार्य कर रही हैं.
कार्यशाला में जूसिंग से जुड़े मिथकों और वैज्ञानिक तथ्यों, जूस कब और कितना पीना चाहिए, फल खाना बेहतर है या जूस पीना, मधुमेह एवं वजन नियंत्रण में जूसिंग की भूमिका, कोल्ड-प्रेस्ड और सामान्य जूस के अंतर, पोषक तत्वों को सुरक्षित रखने के उपाय तथा घर पर पौष्टिक जूस बनाने का लाइव डेमो प्रस्तुत किया जाएगा. इसके अलावा प्रतिभागियों को डॉ. काले से सीधे संवाद कर अपनी स्वास्थ्य संबंधी शंकाओं का समाधान प्राप्त करने का अवसर भी मिलेगा. आयोजकों ने महिलाओं, परिवारों, वरिष्ठ नागरिकों तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक सभी लोगों से इस उपयोगी कार्यशाला में शामिल होने की अपील की है. कार्यक्रम में बिना पंजीकरण के भी शामिल हुआ जा सकता है. अधिक जानकारी के लिए 7769086383 पर संपर्क किया जा सकता है.

Back to top button