पांच दिन के नवजात की सफल हार्ट सर्जरी

डॉक्टरों और स्वास्थ्य तंत्र ने बचाई जिंदगी

अमरावती/दि.12 – जन्म के महज पांच दिन बाद गंभीर हृदय रोग से जूझ रहे एक नवजात शिशु को डॉक्टरों और स्वास्थ्य प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से नया जीवन मिला. समय पर उपचार और त्वरित निर्णयों के कारण बच्चे की सफल हार्ट सर्जरी कर उसकी जान बचाई जा सकी.
जानकारी के मुताबिक 25 मई को अमरावती के जिला महिला अस्पताल में जन्मे शिशु में जन्मजात हृदय रोग पाया गया. जन्म के तुरंत बाद उसकी स्थिति गंभीर होने लगी और विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता सामने आई. बच्चे की नाजुक हालत को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल कार्रवाई शुरू की. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विनोद पवार के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री सहायता निधि कक्ष के डॉ. अमोल फले, डॉ. विजया जयाडे और डॉ. श्याम गावंडे ने आवश्यक प्रक्रियाएं तेजी से पूरी कीं. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चे के निःशुल्क उपचार की व्यवस्था की गई. इसके बाद 29 मई को नवजात को नागपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 30 मई को मात्र पांच दिन की उम्र में उसकी हार्ट सर्जरी सफलतापूर्वक की गई. सर्जरी के बाद बच्चे की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है. इस पूरे उपचार में जिला महिला अस्पताल, जिला प्रशासन, मुख्यमंत्री सहायता निधि कक्ष और आरबीएसके योजना सहित विभिन्न विभागों ने समन्वय के साथ कार्य किया. समय पर लिए गए निर्णयों और संवेदनशील प्रशासनिक व्यवस्था के कारण एक मासूम की जिंदगी बचाई जा सकी. डॉ. विनोद पवार ने बताया कि जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित इस नवजात की आरबीएसके योजना के तहत निःशुल्क सर्जरी कराई गई है और वर्तमान में उसकी स्थिति पहले से बेहतर है. यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता का प्रेरणादायी उदाहरण बन गई है.

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