बांग्लादेश को संतरे का निर्यात 98 प्रतिशत घटा

सब्सिडी भी हुई बंद

* 7 साल में बांग्लादेश से आयात शुल्क में 5 गुना बढोत्तरी
नागपुर /दि.12– बांग्लादेश द्वारा नागपुरी संतरे पर आयात शुल्क में लगातार बढ़ोतरी और राज्य सरकार द्वारा घोषित निर्यात सब्सिडी रोक दिए जाने से संतरा उत्पादक किसानों को बड़ा आर्थिक झटका लगा है. पिछले सात वर्षों में बांग्लादेश ने संतरे पर आयात शुल्क पांच गुना तक बढ़ा दिया है, जिसके कारण संतरे का निर्यात लगभग 98 प्रतिशत घट गया है.
जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार ने 7 दिसंबर 2023 को बांग्लादेश को निर्यात होने वाले संतरे के लिए 169.60 करोड़ रुपये की सब्सिडी देने की घोषणा की थी. हालांकि यह राशि लंबे समय तक वितरित नहीं की गई और 8 जून 2026 को सरकार ने उक्त निधि को वापस लेने का निर्णय लिया. संतरा उत्पादकों का कहना है कि वर्ष 2019 से पहले प्रतिदिन 150 से 200 ट्रक नागपुरी संतरे बांग्लादेश भेजे जाते थे, लेकिन आयात शुल्क बढ़ने और प्रोत्साहन की कमी के कारण अब केवल दो से तीन ट्रक ही प्रतिदिन निर्यात हो रहे हैं. कृषि क्षेत्र से जुड़े संगठनों के अनुसार, वर्ष 2019 में बांग्लादेश ने संतरे पर 25 टका प्रति किलोग्राम आयात शुल्क लगाया था, जो 2025-26 में बढ़कर 101 टका प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है. इससे भारतीय संतरे की कीमत बढ़ने के कारण वहां मांग में भारी गिरावट आई है. रहरजीरपसश के संचालक मनोज जवांजल ने सरकार से संतरा उत्पादकों को राहत देने और घोषित सब्सिडी का लाभ किसानों तक पहुंचाने की मांग की है. उनका कहना है कि निर्यात में भारी कमी और बढ़ती लागत के कारण संतरा उत्पादकों को लगातार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. विदर्भ के संतरा उत्पादक किसानों का मानना है कि यदि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो क्षेत्र की संतरा अर्थव्यवस्था पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है.

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