वन मजदूर पर भालू का खूनी हमला, हालत गंभीर
मेलघाट के जंगल में गश्त के दौरान अचानक बोला धावा

* सिर पर चोट, हाथ-पैर में भी गहरे घाव
धारणी/दि.11- मेलघाट में वन्यप्राणियों के हमले का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. मेलघाट व्याघ्र प्रकल्प के मेलघाट वन्यजीव विभाग अंतर्गत धुलघाट रेलवे वन परिक्षेत्र के मालेर संरक्षण कुटिया परिसर में सोमवार , 10 अगस्त को सुबह एक भालू ने रोजंदारी वन मजदूर पर अचानक हमला कर दिया. इस हमले में निलेश सुकराम दहीकर ( 30, धुलघाट रेलवे) गंभीर रूप से घायल हो गए.
प्राप्त जानकारी के अनुसार निलेश दहीकर सोमवार, 10 अगस्त की सुबह करीब 8 बजे मालेर संरक्षण कुटिया के कंपार्टमेंट क्रमांक 1937 में रोजंदारी के आधार पर गश्त का काम कर रहे थे. इसी दौरान अचानक एक भालू उनके समाने आ गया और उसने उन पर हमला कर दिया. अचानक हुए हमले में दहीकर के सिर पर गंभीर चोट आई और काफी रक्तस्त्राव हुआ. भालू ने अपने पंजों से उनके हाथ-पैर पर भी कई गंभीर वार किए.
घटना के बाद परिसर में कुछ समय के लिए भय का माहौल बन गया. गंभीर रूप से घायल निलेश दहीकर को तत्काल धुलघाट रेलवे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया. वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत को देखते हुए उन्हें आगे के उपचार के लिए अकोट रेफर किया गया.
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे. वनपरिक्षेत्र अधिकारी चक्रे के साथ पूर्व सरपंच रामभाउ भिलावेकर तथा अन्य ग्रामीण भी घटनास्थल पर मौजूद थे.
* जंगल में काम करने वालों में सबसे ज्यादा डर
विशेष रूप से जंगल क्षेत्र में काम करने वाले मजदूर, किसान, चरवाहे, जलाउ लडकी और अन्य सामग्री एकत्र करने के लिए जंगल के आस-पास जाने वाली महिलाएं तथा जंगल से सटे गांवों के नागरिकों मे डर का माहौल है. मेलघाट के जंगलों में बाघ, भालू और तेंदूए जैसे वन्य प्राणियों की मौजूदगी के कारण ग्रामीणों को लगातार सतर्क रहना पडत रहा है. निलेश दहीकर पर हुए हमले ने एक बार फिर जंगल क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा का सवाल खडा कर दिया है.





