कामगार आयुक्त कार्यालय का अधिकारी बनकर ठगी
मजदूरी नहीं देने पर धमकी, चार आरोपियों पर मामला दर्ज

अमरावती/दि.25 – खुद को कामगार आयुक्त कार्यालय का अधिकारी बताकर लोगों को झांसे में लेने और सरकारी वाहन का इस्तेमाल करने का दावा करने वाले चार लोगों के खिलाफ राजापेठ पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. आरोप है कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता से काम करवाकर मजदूरी नहीं दी और धमकियां भी दीं.
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, 20 फरवरी 2026 को शिकायतकर्ता राजेश दत्तु जाधव के मित्र अमोल कुरवाड़े ने उसे बताया कि वह कामगार आयुक्त कार्यालय के अधिकारियों के साथ दारव्हा जाने वाला है. इसी दौरान उसे 9657066046 नंबर दिया गया, जिस पर संपर्क करने पर संतोष नामक व्यक्ति से बातचीत हुई. संतोष ने राजेश जाधव को शाम 4.30 बजे कल्याण नगर चौक पर तैयार रहने के लिए कहा. इसके मुताबिक निर्धारित समय पर राजेश तैयार होकर कल्याण नगर चौक के पास आकर खडा हो गया, तब एक सफेद रंग की चार पहिया कार, क्रमांक एमएच-27/एच-6558 हुंडाई सेंट्रो वहां पहुंची. वाहन में दो बुजुर्ग व्यक्ति, एक महिला तथा संतोष सहित कुल चार लोग सवार थे. इनमें से एक व्यक्ति ने खुद को अमरावती कामगार आयुक्त कार्यालय का अधिकारी बताया और संतोष कोलटेके का मामा होने का दावा किया.
राजेश जाधव के अनुसार, आरोपियों ने उसे भातकुली क्षेत्र में ले जाकर विभिन्न गांवों में बाल मजदूरी की जांच के नाम पर वीडियो बनाने को कहा. 21 फरवरी को संतोष की तबीयत खराब होने पर राजेश उन्हें सरकारी अस्पताल लेकर गया. बाद में नेर के पास के नवाबपुर गांव के ईट भट्टी पर गये. वहां राजेश को कार में सवार लोगों ने बताया कि, यदि यहां छोटे बच्चे काम करते दिखाई दे तो वीडियो निकाला जाये. इसके मुताबिक गांव की ईट भट्टी चेक की गई और वीडियो निकाले गये. कोलटेके को लेकर राजेश खोलापुर पहुंचा. जहां डॉ. देशमुख से उपचार कराया गया. काम पूरा होने के बाद फरियादी ने दो दिन की मजदूरी 2 हजार रुपये तथा फोटो और वीडियो शूटिंग के 5 हजार रुपये मांगे. आरोप है कि संतोष ने केवल 1 हजार रुपये दिए और बाकी रकम बाद में फोन पे से भेजने का आश्वासन दिया. जब राजेश ने बार-बार पैसे मांगे तो आरोपियों ने उसे गालियां दीं और धमकाया.
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने खुद को कामगार आयुक्त कार्यालय का अधिकारी बताकर सरकारी वाहन होने का झूठा दावा किया तथा महाराष्ट्र शासन की गाड़ी बताकर उक्त वाहन का उपयोग किया. राजेश जाधव की शिकायत पर राजापेठ पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है. मामले की जांच जारी है.





