फर्जी दस्तावेजों के सहारे दूसरे की जमीन बेचकर 22 लाख की धोखाधड़ी
प्लॉट को अपना बताकर किया सौदा, तीन नामजद समेत एक अज्ञात ीर मामला दर्ज

नांदगांव पेठ थाना क्षेत्र की घटना
अमरावती/दि.5 – अमरावती जिले में जमीन की खरीद-फरोख्त के नाम पर धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है. नांदगांव पेठ पुलिस थाना क्षेत्र में आरोप है कि आरोपियों ने दूसरे व्यक्ति के प्लॉट को अपना बताकर उसके फर्जी दस्तावेज तैयार किए और इन दस्तावेजों के आधार पर प्लॉट का सौदा कर दिया. इस पूरे फर्जीवाड़े में शिकायतकर्ता से करीब 22 लाख रुपये की रकम लेकर धोखाधड़ी किए जाने का आरोप है. शिकायत के आधार पर नांदगांव पेठ पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों समेत एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
जानकारी के मुताबिक इस मामले में शिकायतकर्ता संतोष रमेश पुसतकर (44) हैं. वे रेलवे विभाग में कार्यरत हैं और वर्तमान में जलगांव जिले के भुसावल में रहते हैं. शिकायत के मुताबिक, उन्होंने जमीन/प्लॉट की खरीद के सिलसिले में आरोपियों से संपर्क किया था. आरोप है कि आरोपियों ने संबंधित प्लॉट पर अपना मालिकाना हक होने का दावा करते हुए उसके दस्तावेज शिकायतकर्ता के सामने पेश किए.
* मूल दस्तावेजों में हेरफेर का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संबंधित जमीन के वास्तविक दस्तावेजों और मालिकाना हक की जानकारी को छिपाकर कथित तौर पर फर्जी कागजात तैयार किए गए. इन दस्तावेजों को असली बताकर शिकायतकर्ता को प्लॉट बेचने का सौदा किया गया. आरोपियों की बात पर विश्वास करते हुए शिकायतकर्ता ने सौदे के तहत करीब 22 लाख रुपये का भुगतान किया. बाद में संबंधित जमीन के दस्तावेजों और मालिकाना हक को लेकर स्थिति संदिग्ध होने पर मामले की जानकारी सामने आई. आरोप है कि जिस प्लॉट को आरोपियों ने अपना बताकर बेचा, उस पर उनका वास्तविक अधिकार नहीं था. इसके बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस से संपर्क कर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई.
* तीन नामजद और एक अज्ञात आरोपी
शिकायत के आधार पर नांदगांव पेठ पुलिस ने फूल गणेश्वर काले, पवन आकाश कांबले और कमलनाथ हनवतेे के खिलाफ मामला दर्ज किया है. इनके अलावा एक अज्ञात व्यक्ति को भी आरोपी बनाया गया है. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2), 318(4) और 336(3) के तहत अपराध दर्ज किया है.
* दस्तावेज और पैसों के लेन-देन की जांच
मामला दर्ज होने के बाद नांदगांव पेठ पुलिस ने जांच तेज कर दी है. पुलिस अब संबंधित प्लॉट के मूल दस्तावेज, आरोपियों द्वारा पेश किए गए कागजात, जमीन के मालिकाना हक से जुड़े रिकॉर्ड और सौदे के दौरान हुए पैसों के लेन-देन की पड़ताल कर रही है. इसके साथ ही कथित फर्जी दस्तावेज तैयार करने में किसकी भूमिका थी और इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है.
* जमीन सौदों में सतर्कता की जरूरत
दूसरे की जमीन को अपना बताकर कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए लाखों रुपये का सौदा किए जाने के इस मामले ने जमीन की खरीद-फरोख्त में दस्तावेजों की उचित जांच की आवश्यकता को फिर सामने ला दिया है. जमीन खरीदने से पहले 7/12 उतारा, फेरफार रिकॉर्ड, बिक्री दस्तावेज, मालिकाना हक और उप-पंजीयक कार्यालय के रिकॉर्ड की अच्छी तरह जांच करना जरूरी है. फिलहाल पुलिस की जांच जारी है. जांच पूरी होने और दस्तावेजों की सत्यता सामने आने के बाद ही इस कथित जमीन फर्जीवाड़े में आरोपियों की वास्तविक भूमिका और पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.





