अकोला में सेंट्रल बैंक के लॉकर से 1.07 करोड़ रुपये का सोना गायब

715 ग्राम आभूषणों की हेराफेरी से मचा हड़कंप

* एमजी रोड शाखा में सनसनीखेज मामला
* सफाईकर्मी के खिलाफ एफआईआर दर्ज, पुलिस कर रही गहन जांच
अकोला/दि.3 – अकोला शहर के महात्मा गांधी रोड स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में बैंक लॉकर से 1 करोड़ 7 लाख 25 हजार 660 रुपये मूल्य के सोने के आभूषण गायब होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. करीब 715.044 ग्राम सोने की कथित हेराफेरी का खुलासा होते ही बैंकिंग क्षेत्र में हड़कंप मच गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सिटी कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.
पुलिस ने इस प्रकरण में बैंक में दैनिक वेतन पर कार्यरत सफाईकर्मी वैभव धनराज कोल्हे (29, बोरगांव खुर्द, अकोला) के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है. हालांकि, प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इतने बड़े स्तर की हेराफेरी में अन्य लोगों की भूमिका से भी इनकार नहीं किया जा सकता.
* डिमांड लोन प्रक्रिया की जांच में खुला राज
पुलिस के अनुसार, बैंक के क्षेत्रीय प्रमुख पंकज कुमार कमलाप्रसाद श्रीवास्तव (52) की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया. बैंक में डिमांड लोन से जुड़े लेन-देन की नियमित जांच के दौरान कुछ अनियमितताएं सामने आईं. इसके बाद जब संबंधित लॉकर और गिरवी रखे गए सोने के रिकॉर्ड की जांच की गई, तब पता चला कि बड़ी मात्रा में सोने के आभूषण गायब हैं. प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि डिमांड लोन प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड में हेरफेर कर लॉकर में रखे गए सोने को गायब किया गया.
* सबसे बड़ा सवाल, लॉकर तक पहुंच कैसे मिली?
मामले ने बैंक की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी को लॉकर तक पहुंच कैसे मिली, सुरक्षा प्रोटोकॉल में कहां चूक हुई और क्या इस पूरे घटनाक्रम में बैंक के किसी अन्य कर्मचारी की भी भूमिका रही है. जांच एजेंसियां बैंक के सीसीटीवी फुटेज, लॉकर एक्सेस रिकॉर्ड, डिमांड लोन दस्तावेज और संबंधित कर्मचारियों के बयान खंगाल रही हैं. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि गायब किया गया सोना कहां और किसके माध्यम से ठिकाने लगाया गया.
* पुलिस की कई टीमों की जांच जारी
सिटी कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है. सूत्रों के अनुसार, आर्थिक अपराध और बैंकिंग प्रक्रियाओं से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है. पुलिस का मानना है कि पूरे घटनाक्रम की तह तक पहुंचने के लिए बैंक के आंतरिक रिकॉर्ड और कर्मचारियों की भूमिका की बारीकी से पड़ताल जरूरी है. फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि 1.07 करोड़ रुपये का सोना आखिर कहां गया और इस कथित हेराफेरी के पीछे कौन-कौन शामिल हैं.

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