मराठी अनिवार्यता पर सरकार का यू-टर्न या राहत?
चालकों को 15 अगस्त तक मोहलत, सीख लें मराठी

* ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए नया फॉर्मूला सामने
मुंबई /दि.28- मुंबई में ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य करने का निर्णय लेने के बाद अब उसमें बदलाव होने की संभावना बन गई है. 1 मई से यह निर्णय लागू करने की घोषणा की गई थी. हालांकि, इस निर्णय को लेकर महायुति सरकार के भीतर ही मतभेद सामने आए हैं और कुछ नेताओं ने इसका विरोध भी किया है. चालकों को मराठी भाषा सीखने के लिए 15 अगस्त तक मोहलत दिये जानेे की संभावना बतायी जा रही है.
* 59 आरटीओ प्रमुखों की बैठक
इस मुद्दे पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है. वांद्रे स्थित जिल्हाधिकारी कार्यालय में प्रताप सरनाईक की अध्यक्षता में परिवहन आयुक्त और राज्य के 59 आरटीओ प्रमुखों की बैठक होगी. इस बैठक के बाद सरकार की आधिकारिक नीति स्पष्ट होने की संभावना है. हालांकि, इस बैठक में संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे या नहीं, इस पर अभी स्पष्टता नहीं है.
* दो चरणों में लागू
सूत्रों के अनुसार, मराठी अनिवार्यता का निर्णय अब दो चरणों में लागू किया जा सकता है. चालकों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई न करते हुए उन्हें 15 अगस्त तक की मोहलत दिए जाने की संभावना है. इसी अवधि में उन्हें मराठी सीखने के लिए लगभग छह महीने का समय दिया जाएगा. इस दौरान किसी भी चालक का लाइसेंस या परमिट रद्द नहीं किया जाएगा, ऐसी जानकारी भी सामने आई है, जिससे चालकों को बड़ी राहत मिल सकती है.
* अंतिम स्वरूप क्या होगा, इस पर सबकी नजर
इस बीच, मुंबई में व्यवसाय करना है तो मराठी आना जरूरी है, इस रुख पर प्रताप सरनाईक कायम हैं. इसलिए सरकार ने पूरी तरह से पीछे हटने का निर्णय नहीं लिया है, बल्कि इस निर्णय को अधिक आसान तरीके से लागू करने का प्रयास किया जा रहा है. अब आने वाली बैठक के बाद इस निर्णय का अंतिम स्वरूप क्या होगा, इस पर सभी की नजर बनी हुई है.





