अमरावती शासकीय चिकित्सा कॉलेज की ग्राउंड रिपोर्ट तलब
हाईकोर्ट ने मांगा विदर्भ की सभी मेडिकल कॉलेजेस का रिकार्ड

* अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद
अमरावती/दि.1 – बंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने विदर्भ की सभी 11 शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों की ग्राउंड रिपोर्ट पेश करने के निर्देश प्रशासन को दिए है. अगले तीन सप्ताह के अंदर सभी शासकीय कॉलेजेस की जमीनी हकीकत खंडपीठ ने तलब की है. जिसमें दो वर्ष पहले अस्तित्व में आए अमरावती कॉलेज सहित संभाग की अकोला, यवतमाल, वाशिम और बुलढाणा की कॉलेज का समावेश है. बुलढाणा और वाशिम भी अमरावती समान दो साल पहले ही शुरू हुए है. कोर्ट के निर्देशों के कारण अगले कुछ दिनों में उपरोक्त चिकित्सा महाविद्यालयों की सूरतेहाल सभी के सामने आ जायेगी.
खंडपीठ के न्या. अनिल किलोर और न्या. राज वाकोडे ने एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए उपरोक्त निर्देश स्वास्थ्य और चिकित्सा विज्ञान विभाग को दिए है. जनहित याचिका में आरोप किया गया कि चिकित्सा महाविद्यालयों में स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा हो रखी है. पर्याप्त स्टॉफ नहीं है. उपकरणों का उपयोग करने वाले विशेषज्ञ नहीं है. ऐसे में कोर्ट ने मेडिकल कॉलेजेस से रोज आनेवाले मरीजों, चिकित्सकों, वार्ड अटेंडंट और अन्य स्टाफ का ब्यौरा मांगा है. इतना ही नहीं तो अस्पताल-कॉलेजेस में उपलब्ध व्हील चेयर्स तथा स्ट्रेचर्स की भी जानकारी मांगी गई है.
कोर्ट ने जनहित याचिका सुनवाई हेतु स्वीकार करते हुए प्रत्येक चिकित्सा महाविद्यालय को ओपीडी के मरीजों की संख्या सहित विविध ब्यौरे देने कहा है. खासकर पूछा गया है कि, महाविद्यालयों में स्टाफ की कितनी कमी है, रोज आपात स्थिति के कितने रुग्ण आते है, क्या सुविधाएं वहां उपलब्ध है, सुनवाई दौरान कोर्ट की मित्र एड. ईशा ठाकरे ने अदालत को बताया कि, उन्होंने विदर्भ के सभी 11 शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों का व्यक्तिगत रुप से अवलोकन किया है. राज्य सरकार की ओर से एड. दीपक ठाकरे ने पक्ष रखा.
खंडपीठ ने तीन सप्ताह का समय देते हुए सभी जिला के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा है. अदालत इन रिपोर्ट का स्वयं अवलोकन करेगी. उपरांत आगे की कार्यवाही तय होगी. विदर्भ क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने के लिए उच्च न्यायालय सक्रिय होने की जानकारी दी गई.
* अमरावती मेडिकल कॉलेज का हाल
अमरावती शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय शुरु हुए दो वर्ष हो गए हैं. कॉलेज जिला स्त्री अस्पताल डफरीन परिसर में संचालित है. इसी माह होने जा रही प्रवेश प्रक्रिया के साथ महाविद्यालय की तीसरी बैच की पढाई शुरु होनेवाली है. ऐसे में अब तक महाविद्यालय ने अमरावती जिला सामान्य अस्पताल और अन्य दो अस्पतालों डफरीन तथा सुपर को अपने अधीन नहीं लिया है, जबकि पहली बैच का तीसरा वर्ष का अध्ययन कार्य शुरु होना है. जिसके लिए प्रत्यक्ष मरीजों की जांच, उपचार के प्रयोग की जानकारी आवश्यक बताई जाती है. अमरावती शासकीय मेडिकल कॉलेज की जगह को लेकर भी यहां के राजनेताओं में खींचतान चल रही है. बडनेरा-कोंडेश्वर मार्ग पर मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन कई माह पहले हो चुका है. जबकि लोगों की सुविधार्थ उसे शहरी क्षेत्र में स्थापित किए जाने की मांग कई राजनेता और लोग कर रहे हैं.