गोद में दी बेटी, सर्टिफिकेट पर दिखाया बेटा

गडबडी व गलती अस्पताल की, टेंशन माता-पिता को

* मोर्शी के उपजिला अस्पताल से सामने आया अजिबोगरीब मामला
* पुलिस में दर्ज हुई शिकायत, अब तक नहीं हुआ निपटारा
मोर्शी /दि.3– 9 महिने 9 दिन तक आंखों में तेल डालकर एक दम्पत्ति द्वारा अपने घर पर आनेवाले नए मेहमान की प्रतिक्षा की जा रही थी और आखिरकार वह दिन भी आ ही गया. जब घर में नया व नन्हा मेहमान आया लेकिन ठिक इसी समय मोर्शी के उपजिला अस्पताल ने कुछ ऐसा खेल खेला कि अब उक्त दम्पत्ति इस बात को लेकर संभ्रम में है कि आखिर उन्हें बेटा हुआ है या बेटी हुई है. अस्पताल के स्टॉफ द्वारा बरती गई इस लापरवाही के खिलाफ संबंधित दम्पत्ति ने सिधे पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज करायी. जिसके चलते अब अस्पताल प्रशासन द्वारा इस बात की पडताल की जा रही है कि आखिर यह गडबडी किसके द्वारा की गई.
जानकारी के मुताबिक वैष्णवी (काल्पनिक नाम) नामक गर्भवती महिला को प्रसुती हेतु मोर्शी के उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां पर 19 मई की दोपहर 3 बजे के आसपास उक्त महिला की प्रसुती हुई. जिसके बाद अस्पताल की नर्स ने महिला के रिश्तेदारों को खुशखबरी देते हुए बेटा पैदा होने की खबर दी. साथ ही पैदा हुए बच्चे की रिपोर्ट पर लिंग वाले कॉलम में भी पुरूष का उल्लेख करते हुए प्रमाणपत्र दिया गया. परंतु यह खुशी ज्यादा समय तक ठिकी नहीं रही और उसी दिन रात 9 बजे के आसपास अस्पताल के वार्ड बॉय ने उक्त महिला व उसके रिश्तेदारों को आकर बताया कि उन्हें बेटा नहीं बल्कि बेटी हुई है. एक ही दिन के दौरान अस्पताल द्वारा पहले बेटा होने और फिर बेटी होने की जानकारी दिए जाने के चलते नवप्रसुता महिला एवं उसके परिजन भी चकरा गए और इस बारे में अस्पताल प्रशासन से पुछताछ की तो उन्हें कोई समाधानकारक जवाब नहीं मिला.
खास बात यह रही कि प्रसुती के बाद चार दिन पश्चात जच्चा-बच्चा को अस्पताल से डिस्चार्ज दे दिया गया. जिसके उपरांत जब बच्चे के मामा 31 मई को जन्म दाखिले के लिए मोर्शी नगर परिषद में पहुंचे तो वहां के रिकॉर्ड को देखकर उन्हें धक्का लगा. क्योंकि नगरपरिषद के अधिकारीयों ने बताया कि अस्पताल की ओर से भेजी गई जानकारी में बेटा पैदा होने की बात दर्ज है. ऐसे में बेटी पैदा होने से संबंधित प्रमाणपत्र नहीं दे सकते. गोद में बेटी लेकिन सरकारी दस्तावेज पर बेटा ऐसा गडबडी वाला काम अस्पताल प्रशासन द्वारा किए जाने की वजह से संबंधित महिला के परिजनों में रोष की लहर व्याप्त हो गई और उन्होंने फिर एक बार अस्पताल में जाकर सवाल जवाब शुरू किया. जहां से कोई समाधानकारक जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने मोर्शी पुलिस थाने पहुंचकर उपजिला अस्पताल के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी.
– कई बच्चों में अदलाबदली तो नहीं हुई
संबंधित महिला के परिजनों द्वारा अब इस पुरे मामले को लेकर सवाल उपस्थित किया जा रहा है कि कई उनके बच्चे की किसी अन्य के साथ कोई अदलाबदली तो नहीं कर दी गई. ऐसे में उन्होंने जानना चाहा है कि 19 मई को मोर्शी उपजिला अस्पताल में और कितनी महिलाओं की प्रसुतियां हुई थी. इसकी जानकारी को सार्वजनिक किया जाए.

– प्रसुती के चार दिन बाद जच्चा-बच्चा व अस्पताल से डिस्चार्ज दिया गया. उस समय तक महिला के परिजनों ने ऐसी कोई शिकायत नहीं की थी. ऐसे में सवाल उपस्थित होता है कि वे इतने दिनों तक क्या करते रहे. साथ ही अब चुंकी उनकी ओर से शिकायत प्राप्त हुई तो हम मामले की सघन जांच करेंगे.
– डॉ. प्रमोद पोतदार, अधीक्षक, मोर्शी उपजिला अस्पताल

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