भेंडवल की ‘घट मांडणी’ से निकले संकेत
राजा कायम रहेगा, आर्थिक संकट व युद्ध का खतरा

* जुलाई से दमदार बारिश, अगस्त में अतिवृष्टि
* फसलों की स्थिति खास अनुकूल नहीं रहेगी
* रोगराई के चलते फसलों का हो सकता है नुकसान
* अतिवृष्टि, बेमौसम बारिश व बाढ की जताई गई संभावना
* कपास, ज्वार व तिल्ली की उपज रहेगी अच्छी
* गेहूं व मूंग के दामों में रहेगी तेजी, हरभरा व उडद साधारण
* 350 वर्षों से चली आ रही भेंडवल में ‘घट मांडणी’ की परंपरा
* कल अक्षय तृतीया पर की गई थी ‘घट मांडणी’, आज की गई भविष्यवाणी
* भविष्यवाणी सुनने हजारों लोग पहुंचे भेंडवल, पूरे राज्य की लगी थी निगाहें
बुलढाणा/दि.20 – जिले के जलगांव जामोद तहसील स्थित भेंडवल गांव में सैकड़ों वर्षों से चली आ रही पारंपरिक ‘घट मांडणी’ के आधार पर वर्ष 2026 के लिए चौंकाने वाली भविष्यवाणी सामने आई है. इस वर्ष के संकेतो अथवा अनुमानों के तहत देश की राजनीतिक, आर्थिक और कृषि स्थिति को लेकर चिंताजनक संकेत दिए गए हैं. भविष्यवाणी के अनुसार देश का ‘राजा’ (शासन प्रमुख) अपने पद पर कायम रहेगा, लेकिन वह लगातार तनाव में रहेगा. साथ ही देश में युद्ध जैसी परिस्थितियां बनने की आशंका जताई गई है, जिससे रक्षा क्षेत्र पर दबाव बढ़ सकता है.
भेंडवल की घट मांडणी में यह भी संकेत दिए गए हैं कि देश की आर्थिक स्थिति कमजोर बनी रहेगी. कृषि क्षेत्र में नुकसान और प्राकृतिक आपदाओं के कारण अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. भविष्यवाणी के मुताबिक, मानसून की शुरुआत सामान्य रहेगी, लेकिन जुलाई से तेज बारिश शुरू होगी. अगस्त और सितंबर में अत्यधिक वर्षा और बाढ़ की स्थिति बनने का खतरा बताया गया है. इससे जनजीवन और खेती दोनों प्रभावित हो सकते हैं. इसके अलावा घट मांडणी के जरिए मिले संकेतों के आधार पर अनुमान जताया गया है कि इस वर्ष फसलों पर रोगों का प्रकोप अधिक रहेगा, जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान हो सकता है. अतिवृष्टि के कारण भी खेती को भारी नुकसान होने की आशंका जताई गई है.
* फसलवार अनुमान
– कपास, ज्वार और तिल की फसल अच्छी रहने और अच्छे दाम मिलने की संभावना
– बाजरा, तूर और उड़द की स्थिति सामान्य
– मूंग के भाव में तेजी
– गेहूं की पैदावार अच्छी, जबकि चना सामान्य रहने का अनुमान
* परंपरा और विवाद
बता दें कि, बुलढाणा जिले के जलगांव जामोद तहसील अंतर्गत भेंडवल गांव में अक्षय तृतीया के पर्व पर घट मांडणी की परंपरा करीब साढ़े तीन सौ वर्षों से चली आ रही है. जिसके तहत अक्षय तृतीय वाले पर्व पर भेंडवल गांव निवासी चंद्रभान महाराज के वंशज सारंगधर महाराज वाघ व पुंजाजी महाराज वाघ द्वारा एक विशिष्ट अंदाज में ‘घट मांडणी’ की जाती है. जिसके बाद अगले दिन ‘घट मांडणी’ से मिले संकेतों के आधार पर आगामी वर्ष के लिए भविष्यवाणी की जाती है. जिसे सुनने के लिए हर साल बड़ी संख्या में किसान और व्यापारी यहां पहुंचते हैं. हालांकि, अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति जैसे कई संगठन इस भविष्यवाणी को वैज्ञानिक आधार से रहित बताते हुए आलोचना भी करते हैं. इसके जवाब में परंपरा से जुड़े लोगों का दावा है कि इस पद्धति का अपना वैज्ञानिक आधार है. इस साल की भविष्यवाणी में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का भी असर दिखाई दे रहा है, जिससे किसानों और आम लोगों के बीच चिंता का माहौल देखा जा रहा है.





