दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों की पिटाई के निषेध में

वंचित’ के महाराष्ट्र बंद का अमरावती में व्यापक असर

* बंद को कई संगठनों का मिला समर्थन, शहर के प्रमुख बाजार आधा दिन रहे बंद
* कलेक्ट्रेट पर जमकर हुआ प्रदर्शन, आंदोलन में छात्र संगठनों व सामाजिक संस्थाओं ने भी लिया हिस्सा
* पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने व शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने को लेकर जबरदस्त नारेबाजी
अमरावती/दि.23 – दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कठोर कार्रवाई तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में वंचित बहुजन आघाड़ी द्वारा गुरुवार को पुकारे गए ‘महाराष्ट्र बंद’ का अमरावती शहर और जिले में व्यापक असर देखने को मिला. इस बंद को जहां एक ओर कई राजनीतिक संगठनों व सामाजिक संस्थाओं का साथ व समर्थन प्राप्त हुआ, वहीं दूसरी ओर शहर के प्रमुख बाजारों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों तथा कई निजी शिक्षण संस्थानों ने बंद को समर्थन देते हुए अपने प्रतिष्ठान बंद रखे.
आज सुबह से ही वंचित बहुजन आघाडी सहित समविचारी दलों व संगठनों के पदाधिकारियों का इर्विन चौक परिसर स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर पुतला व स्मारक परिसर में जुटना शुरू हो गया. जिनमें वंचित बहुजन आघाडी सहित भारतीय बौध्द महासभा, रिपाइं (गवई), संयुक्त रिपाइं, महिला मुक्ती मोर्चा, लोकशक्ति जनता पार्टी व भीम बिग्रेड जैसे संगठनों के पदाधिकारियों व सदस्यों का समावेश रहा. इस समय सबसे पहले भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के पुतले पर माल्यार्पण करते हुए शहर में एक रैली का आयोजन किया गया और यह रैली शहर के सभी प्रमुख चौक-चौराहों व व्यापारीक क्षेत्रों से होकर गुजरी. इस दौरान जो भी व्यापारीक प्रतिष्ठान खुले दिखाई दिए, उन्हें भावी पिढी के भविष्य का वास्ता देते हुए एक दिन के लिए अपना व्यापार बंद रखने हेतु कहा गया. जिसके चलते राजकमल चौक, जयस्तंभ चौक, गांधी चौक, इर्विन चौक, सरोज चौक, अंबापेठ, राजापेठ, श्याम चौक, बापट चौक, जवाहर रोड, गाडगेनगर, चपरासीपुरा चौक, कैम्प क्षेत्र तथा बडनेरा रोड, कैंप क्षेत्र तथा अन्य प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में बंद का असर स्पष्ट दिखाई दिया. अधिकांश दुकानों के शटर लगभग आधा दिन बंद रहे और सामान्य दिनों की तुलना में बाजारों में काफी कम चहल-पहल नजर आई. कई व्यापारियों ने विद्यार्थियों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग का समर्थन करते हुए स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखे.
इसके उपरांत वंचित बहुजन आघाडी सहित बंद में शामिल सभी संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता दोपहर बाद एक बार फिर इर्विन चौक परिसर मेें इकट्ठा हुए. जहां से जिलाधिश कार्यालय तक भव्य मोर्चा ले जाया गया. मोर्चे के दौरान जमकर नारेबाजी करने के साथ ही जिलाधिश कार्यालय पर पहुंचने के बाद जबरदस्त प्रदर्शन भी किया गया. पश्चात एक प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्ट्रेट के भीतर जाकर जिलाधिश आशिष येरेकर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा. इस समय वंचित बहुजन आघाड़ी के नेताओं का कहना रहा कि देशभर के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े नीट पेपर लीक जैसे गंभीर मामले में सरकार को दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों पर बल प्रयोग किया गया. यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इससे युवाओं तथा अभिभावकों में गहरा असंतोष पैदा हुआ है.
खास बात यह भी रही कि, वंचित बहुजन आघाडी की ओर से किए गए आवाहन के चलते इर्विन चौक पर इकट्ठा होने हेतु तथा बंद को सफल बनाने के लिए वंचित बहुजन आघाड़ी के कार्यकर्ताओं ने शहर के विभिन्न भागों में पदयात्राएं और रैलियां निकालीं. कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक मामलों की उच्चस्तरीय जांच, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई तथा विद्यार्थियों को न्याय दिलाने की मांग की. कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि छात्रों की आवाज दबाने का कोई भी प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली.
* कई सामाजिक, छात्र और राजनीतिक संगठनों का समर्थन
अमरावती में बंद को विभिन्न सामाजिक, छात्र और राजनीतिक संगठनों का समर्थन मिला. कई सामाजिक संगठनों, युवा मंचों और छात्र संगठनों ने आंदोलन के प्रति एकजुटता व्यक्त की. विभिन्न संगठनों ने कहा कि यह केवल किसी एक राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं, बल्कि देशभर के लाखों विद्यार्थियों और उनके भविष्य से जुड़ा सवाल है. कई छात्र संगठनों ने विद्यार्थियों पर हुई कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि युवाओं की मांगों को सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है.
* निजी स्कूलों और कॉलेजों ने बरती सावधानी
बंद के मद्देनजर शहर के कुछ निजी विद्यालयों और महाविद्यालयों ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अवकाश घोषित किया या ऑनलाइन कक्षाओं की व्यवस्था की. कई शिक्षण संस्थानों ने अभिभावकों को पूर्व सूचना देकर स्थिति से अवगत कराया. हालांकि सरकारी और अनुदानित विद्यालयों में नियमित शैक्षणिक कार्य जारी रहा.
* पुलिस रही अलर्ट मोड पर
बंद के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अमरावती शहर पुलिस पूरी तरह सतर्क रही. प्रमुख बाजारों, चौक-चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्वयं स्थिति पर नजर रखी तथा लगातार गश्त की गई. पुलिस अधिकारियों के अनुसार बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और कहीं भी हिंसा, तोड़फोड़ या जबरन दुकानें बंद कराने जैसी कोई घटना सामने नहीं आई. अधिकांश स्थानों पर व्यापारियों ने स्वेच्छा से बंद का समर्थन किया.
* व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित, आवश्यक सेवाएं रहीं सामान्य
बंद के कारण शहर में व्यापारिक गतिविधियों पर स्पष्ट असर दिखाई दिया. बाजारों में ग्राहकों की संख्या कम रही और कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान दिनभर बंद रहे. सड़कों पर सामान्य दिनों की अपेक्षा कम भीड़ देखने को मिली. हालांकि सार्वजनिक परिवहन, एसटी बस सेवा, ऑटो रिक्शा, अस्पताल, बैंक, सरकारी कार्यालय और अन्य आवश्यक सेवाएं नियमित रूप से संचालित होती रहीं.
शरद पवार गुटवाली राकांपा का भी बंद को रहा समर्थन
वंचित बहुजन आघाडी के मुखिया एड. प्रकाश आंबेडकर द्वारा आहूत किए गए महाराष्ट्र बंद को शरद पवार गुटवाली राकांपा द्वारा भी अपना समर्थन घोषित किया गया था. जिसके चलते आज वंचित बहुजन आघाडी द्वारा निकाले गए मोर्चे व कलेक्ट्रेट पर किए गए प्रदर्शन में शरद पवार गुटवाली राकांपा के स्थानीय पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी शामिल हुए. शरद पवार गुटवाली राकांपा के जिलाध्यक्ष प्रा.डॉ. हेमंत देशमुख ने इस संदर्भ में जानकारी देते हुए कहा कि, यह देश की भावी पिढी के भविष्य से संबंधित मसला है. जिसकी कतई अनदेखी नहीं की जा सकती. इसी वजह के चलते पार्टी सुप्रीमो शरद पवार ने दो दिन पहले ही राजधानी नई दिल्ली के जंतर-मंतर जाकर छात्र आंदोलन के संयोजक अभिजीत दिपके से मुलाकात की थी और गतरोज प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करते हुए उनका ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर दिलाया था. साथ ही अब छात्रोंं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने वंचित बहुजन आघाडी की ओर से आहूत किए गए महाराष्ट्र बंद का भी समर्थन किया है.


* राज्य के लगभग सभी शहरों व जिलों में बंद रहा सफल
अमरावती शहर सहित जिले में वंचित बहुजन आघाडी के आवाहन पर महाराष्ट्र बंद का जबरदस्त असर दिखाई दिया. जिसके तहत जिले की सभी तहसीलों में भी वंचित बहुजन आघाडी ने समविचारी संगठनों के साथ मिलकर मोर्चे व रैली का आयोजन करते हुए शिक्षा संस्थाओं एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बंद कराया. आज लगभग इसी तरह का दृश्य राज्य के सभी शहरों व जिलों में भी दिखाई दिया. जिसके चलते महाराष्ट्र बंद को काफी हद तक सफल भी कहा जा सकता है.

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