दमन नहीं, संवाद चाहिए
छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे का मौन आंदोलन

अहिल्यानगर/दि.23 – नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी छात्र आंदोलन के बीच समाजसेवी अन्ना हजारे गुरुवार को छात्रों के समर्थन में मैदान में उतर आए. उन्होंने अहिल्यानगर के वाडिया पार्क स्थित गांधी स्मारक में मौन आंदोलन शुरू करते हुए सरकार से दमन की बजाय संवाद का रास्ता अपनाने की अपील की. आंदोलन स्थल पर लगाए गए बैनर के माध्यम से अन्ना हजारे ने संदेश दिया कि दडपशाही नहीं, संवाद चाहिए. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में समस्याओं का समाधान बातचीत से होना चाहिए, न कि बल प्रयोग से. इस अवसर पर आंदोलन स्थल को प्रतीकात्मक रूप से नगर का जंतर-मंतर नाम भी दिया गया.
* सरकार से संवाद की अपील
अन्ना हजारे ने कहा कि छात्रों की मांगों को कानून-व्यवस्था का विषय मानने के बजाय जनभावनाओं से जुड़ा मुद्दा समझा जाना चाहिए. सरकार को छात्रों और आंदोलनकारियों से बातचीत कर समाधान निकालना चाहिए. उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करने का भी आग्रह किया.
* प्रधानमंत्री को लिखा पत्र
मौन आंदोलन शुरू करने से पहले अन्ना हजारे ने मंदिर में दर्शन किए और इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा. पत्र में उन्होंने नीट पेपर लीक, बेरोजगारी और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर चिंता व्यक्त की. उन्होंने लिखा कि छात्रों का आंदोलन केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य और जनभावनाओं से जुड़ा विषय है. इसलिए सरकार को छात्रों से संवाद स्थापित करना चाहिए.
* भावुक हुए अन्ना
आंदोलन के दौरान अन्ना हजारे भावुक भी नजर आए और उनकी आंखों में आंसू आ गए. उनके इस मौन आंदोलन की राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर व्यापक चर्चा हो रही है. छात्रों के समर्थन में उठाए गए इस कदम पर सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों की नजर बनी हुई है.





