कहीं गांव के लिए एंबुलेंस तो कहीं हेलमेट दिए

गणेशोत्सव बना जनसेवा का मंच

 ‘एक गणेश मंडल, एक पुलिस कर्मी’ अभियान
अमरावती/दि.10 – अमरावती ग्रामीण पुलिस के ‘एक गणेश मंडल, एक पुलिस कर्मी’ अभियान के तहत गणेश मंडलों ने डीजे-बैंजो के शोर और अबीर-गुलाल पर खर्च टालते हुए सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण, सडक सुरक्षा और धार्मिक सद्भाव की अनूठी मिसाल पेश की. पांढरी के बालगोपाल गणेश मंडल ने पुलिस हवालदार रमण हिवराले के समन्वय से विसर्जन का अनावश्यक खर्च बचाकर गांव के लिए एंबुलेंस खरीदी.
अंजनगांव सुर्जी के विदर्भ गणेश मंडल ने पुलिस कर्मी धर्मपाल सपकाल की पहल पर गुलाल के बजाए फूलों का उपयोग किया. सुर्जी के न्यू विश्व हिंदू व्यायाम क्रीडा मंडल ने सोनल डाहे के मार्गदर्शन में डीजे से परहेज कर बची राशि से खेल सामग्री खरीदी. अचलपुर के बालध्रुव मंडल ने सहायक पुलिस उपनिरीक्षक ललिता पवार के समन्वय से विसर्जन जुलूस रद्द कर बची राशि से हेलमेट बांटे. परतवाडा के भयानक मंडल ने दीपक भुरे के सहयोग से रक्तदान शिविर लगाया और हेलमेट जागरुकता अभियान चलाया.
ब्राह्मणवाडा थडी के सावता मंडल ने अमोल राऊत के समझाने पर विवाद की आशंका वाला नृत्य कार्यक्रम रद्द कर पारंपारिक वाद्यों के साथ विसर्जन किया. वरुड के देशमुखपुरा, बडा सब्जी बाजार और शनिवार पेठ के तीन मंडलों ने निर्धारित अनुमति के बावजूद रात 10 बजे विसर्जन पूणा किया. नांदगांव खंडेश्वर के रामभारती मंडल ने फूलों और पारंपरिक वाद्यों को अपनाया. खोलापुर के बाल गणेश मंडल ने मस्जिद के सामने जुलूस रोके बिना आगे बढकर सौहार्द की मिसाल कायम की. मुस्लिम समुदाय ने स्वागत में अल्पाहार और पानी की व्यवस्था की.

* विश्वास मजबूत हुआ
पुलिस और मंडलों के बीच विश्वास मजबूत हुआ. जनसेवा, पर्यावरण संरक्षण, अनुशासन और सामाजिक सद्भाव के जरिए अमरावती ग्रामीण जिले ने जनहितकारी गणेशोत्सव का आदर्श प्रस्तुत किया. जिसे और विस्तार देने का प्रयास है.
– निकेतन कदम, एसपी, अमरावती ग्रामीण.

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