अमरावती में पानी की खपत 10 प्रतिशत घटाने के निर्देश
महापौर श्रीचंद तेजवानी का फैसला, पानी की बर्बादी रोकने और लीकेज दुरुस्त करने पर जोर

अमरावती/दि.17 – जिले में सूखे की स्थिति को देखते हुए संभावित जलसंकट से निपटने के लिए अमरावती महानगरपालिका ने पानी बचाने की दिशा में कदम उठाए हैं. महापौर श्रीचंद तेजवानी ने मनपा के सभी विभागों को पानी के उपयोग में कम से कम 10 प्रतिशत कटौती करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही, जलापूर्ति पाइपलाइनों में लीकेज रोकने और पेयजल का अनावश्यक उपयोग बंद करने पर जोर दिया गया है.
शुक्रवार को मनपा के कॉन्फ्रेंस हॉल में महापौर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में आयुक्त डॉ. मंगेश गोंदावले सहित वरिष्ठ अधिकारी, महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के अधिकारी और अभियंता उपस्थित थे. बैठक में उपलब्ध जलभंडार का नियोजनबद्ध उपयोग करने और पानी की बचत के उपायों पर चर्चा की गई.
* लीकेज और अवैध नल कनेक्शनों पर कार्रवाई
मनपा के सभी संबंधित विभागों को कार्यालयों, उद्यानों, सार्वजनिक सुविधाओं और अन्य कार्यों में पानी की खपत कम करने के निर्देश दिए गए हैं. जलवाहिनियों, वाल्व, सार्वजनिक नलों, पानी की टंकियों और पंपिंग व्यवस्था की जांच कर लीकेज तत्काल दुरुस्त किए जाएंगे. अनधिकृत नल कनेक्शन भी बंद किए जाएंगे. पानी बचाने के उपायों की नियमित समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी जाएगी.
* नागरिकों से भी पानी बचाने की अपील
प्रशासन ने नागरिकों से नल खुला छोड़कर पानी बर्बाद नहीं करने, घरेलू पाइपलाइन और टंकियों में लीकेज दुरुस्त कराने तथा वाहन और सड़क धोने जैसे कामों में पेयजल का उपयोग टालने की अपील की है. जहां संभव हो, वहां पुनः उपयोग किए गए पानी का इस्तेमाल करने, वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है. बैठक में स्पष्ट किया गया कि संभावित जलसंकट से निपटने के लिए प्रशासन के साथ नागरिकों का सहयोग भी जरूरी है. पानी है, तभी कल है संदेश के साथ मनपा ने सभी से पानी का सोच-समझकर उपयोग करने और हर बूंद बचाने का आह्वान किया.





