शेयर बाजार में निवेश के नाम पर 9.32 करोड़ की ठगी

साढ़े तीन साल में अमरावती के निवेशकों को करोड़ों का चूना

साइबर ठगों ने ऑनलाइन जाल में फंसाया
अमरावती /दि.17- डिजिटल युग में साइबर अपराधियों का जाल तेजी से फैल रहा है. शेयर बाजार में निवेश के जरिए मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर लोगों को ठगने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. अमरावती में भी साइबर ठगों ने निवेशकों को निशाना बनाते हुए करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की है. वर्ष 2023 से सितंबर 2026 तक के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, शेयर बाजार में निवेश के नाम पर अमरावती के नागरिकों से 9 करोड़ 32 लाख 69 हजार रुपये से अधिक की ठगी की गई है.
इस वर्ष 1 जनवरी से 30 सितंबर तक अमरावती शहर के साइबर पुलिस थाने में विभिन्न साइबर अपराधों के कुल 32 मामले दर्ज किए गए. इन मामलों में नागरिकों से 3 करोड़ 53 लाख 46 हजार 903 रुपये की धोखाधड़ी हुई. साइबर पुलिस ने तकनीकी जांच के माध्यम से इनमें से 1 करोड़ 19 लाख 70 हजार 929 रुपये की रकम फ्रीज कराने या जब्त करने में सफलता हासिल की है.
* नौ महीनों में 32 मामले दर्ज
साइबर पुलिस प्रमुख सतीश पाटिल ने ‘लोकमत’ को बताया कि इस वर्ष दर्ज मामलों में ऑनलाइन धोखाधड़ी के 23 मामले शामिल हैं. इसके अलावा म्यूल अकाउंट, अश्लील सामग्री और सोशल मीडिया से संबंधित तीन-तीन मामले दर्ज किए गए हैं. पुलिस इन मामलों में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेनदेन की जांच कर रही है. तकनीकी जांच के जरिए ठगी की रकम को रोकने और आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है.
* म्यूल अकाउंट के जरिए साइबर ठगी
साइबर अपराधों में म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल भी सामने आया है. ऐसे बैंक खातों के जरिए ठगी से प्राप्त रकम को एक खाते से दूसरे खाते में स्थानांतरित किया जाता है. कई बार खाताधारकों को कमीशन या मामूली रकम का लालच देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर अपराधों के लिए किया जाता है. सहायक पुलिस निरीक्षक अनिकेत कसार के अनुसार, म्यूल अकाउंट से जुड़े तीन मामले सुलझाते हुए नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. जांच में सामने आया कि कुछ लोग अपने बैंक खाते किराये पर देकर या मामूली आर्थिक लाभ के बदले साइबर ठगों को उपलब्ध कराते थे.
* साल-दर-साल बढ़ता रहा धोखाधड़ी का आंकड़ा
वर्ष 2023 में तीन मामलों में 38 लाख 30 हजार 100 रुपये की ठगी, वर्ष 2024 में 22 मामलों में 5 करोड़ 7 लाख 43 हजार 715 रुपये का नुकसान, वर्ष 2025 में 12 मामलों में 2 करोड़ 46 लाख 90 हजार 283 रुपए की ऑनलाइन जालसाजी हुई. 2026 के 8 प्रकरणों में 1 करोड 40 लाख रुपए की ठगी हुई है. इस तरह अब तक कुल 9 करोड 32 लाख 69 हजार रुपए से अधिक पैसों की जालसाजी हुई है.

* जनवरी से सितंबर तक दर्ज मामले
घटना                            दर्ज          ठगी की रकम          फ्रीज रकम
शेअर मार्केट                   08          1,40,02,731            42,78,869
अन्य ऑनलाइन ठगी        14          1,45,01,401            41,36,258
डिजिटल अरेस्ट               01          80,80,000              41,42,927

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