शहर में अवैध शराब बिक्री का बोलबाला?

बिना लाइसेंस बिक्री का आरोप

* सुबह 7 बजे से देर रात तक बार खुले रहने की चर्चा
* आबकारी विभाग और पुलिस की भूमिका पर नागरिकों ने उठाए सवाल
अमरावती/दि.20– चांदूर रेलवे शहर तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बिना लाइसेंस देशी और विदेशी शराब की बिक्री बड़े पैमाने पर किए जाने के आरोप सामने आए हैं. स्थानीय नागरिकों, महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि राज्य आबकारी विभाग, पुलिस प्रशासन तथा संबंधित एजेंसियों की कथित अनदेखी के कारण अवैध शराब कारोबार को बढ़ावा मिल रहा है.
स्थानीय लोगों के अनुसार, शहर की कुछ पान दुकानों, बंद मकानों और अन्य स्थानों से बिना वैध अनुमति विभिन्न ब्रांडों की देशी-विदेशी शराब तथा हाथभट्टी की शराब आसानी से उपलब्ध कराई जा रही है. इतना ही नहीं, सड़क किनारे लगी अंडे की ठेलियों पर भी कथित रूप से मिनी बार जैसी व्यवस्था कर खुलेआम शराब सेवन किए जाने की चर्चा है. नागरिकों ने आरोप लगाया है कि शहर के कुछ बीयर बार सुबह 7 बजे से लेकर देर रात तक संचालित होते हैं. नियमों के खुलेआम उल्लंघन के बावजूद संबंधित विभागों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है.
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शराब की आसान उपलब्धता के कारण युवाओं में नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है. इसके चलते चोरी, झगड़े, मारपीट, पारिवारिक विवाद और कानून-व्यवस्था से जुड़ी घटनाओं में वृद्धि होने की बात भी सामने आ रही है. महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और रात में आने-जाने वाले लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ने की शिकायतें भी मिल रही हैं. कुछ नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया है कि अवैध शराब बिक्री के खिलाफ आवाज उठाने वालों को धमकियां दी जाती हैं. कथित रूप से कुछ शराब विक्रेताओं की दबंगई के कारण लोग शिकायत दर्ज कराने से भी डर रहे हैं. इस बीच, विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से यह दावा किया जा रहा है कि आबकारी विभाग के कुछ कर्मचारियों द्वारा शहर के बीयर बार और देशी शराब दुकानों से नियमित रूप से कथित वसूली की जाती है. हालांकि इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
महिला बचत समूहों, अभिभावकों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने जिला प्रशासन, राज्य आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन से संयुक्त विशेष अभियान चलाकर अवैध शराब कारोबार पर कठोर कार्रवाई करने, संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली की जांच कराने तथा जिम्मेदारी तय करने की मांग की है. अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों को कितनी गंभीरता से लेता है और अवैध शराब बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए क्या कदम उठाता है. फिलहाल पूरे मामले पर चांदूर रेलवे शहरवासियों की नजरें टिकी हुई हैं.

 

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