‘एशियन गेम्स की गोल्ड मेडल विनिंग टीम का हिस्सा बनना भाग्य की बात’
भारती फूलमाली का कहना

* जीता है भारत के लिए स्वर्णपदक
* अमरावती के लिए ऐतिहासिक गौरव के क्षण
अमरावती /दि.24- अंतरराष्ट्रीय खेलों में ऐसा कम ही होता है कि कोई टीम 10 दिन के अंतर में दो बार टॉप पर पहुंच जाए. भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने दुबई में महिला एशिया कप टी-20 खिताब जीता और 10 दिन बाद ही जापान में एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल अपने नाम किया. दोनों ही मौकों पर हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम ने श्रीलंका महिला टीम को हराकर जीत हासिल की और कॉन्टिनेंटल चैंपियन बनी.
अमरावती की भारती फुलमाली के लिए, जो इन दोनों ऐतिहासिक जीत का हिस्सा रहीं, दोनों ही खिताब बेहद खास हैं और इनकी तुलना नहीं की जा सकती. अग्रणी अंग्रेजी समाचार पत्र से जापान से एक्सक्लूसिव बातचीत में, भारत द्वारा श्रीलंका को फाइनल में 147 रनों से हराने के बाद, इस हार्ड-हिटिंग बल्लेबाज ने कहा कि मल्टी-स्पोर्ट इवेंट में गोल्ड जीतना एक बिल्कुल अलग अनुभव था.
* एशियन गेम्स गोल्ड स्पेशल
भारती ने कहा, दोनों – महिला एशिया कप टी-20 खिताब और एशियन गेम्स गोल्ड बहुत स्पेशल हैं. वे अलग-अलग कारणों से स्पेशल हैं. एशिया कप क्रिकेट में एक बहुत ही प्रतिष्ठित टूर्नामेंट है, जबकि एशियन गेम्स में गोल्ड जीतना और मल्टी-स्पोर्ट इवेंट का हिस्सा बनना एक बिल्कुल अलग अनुभव था. इसलिए मैं वास्तव में उनकी तुलना नहीं करूंगी. मैं भाग्यशाली महसूस करती हूं कि मैंने दोनों का अनुभव किया और दोनों जीत में योगदान दिया. अक्टूबर में 32 साल की होने जा रहीं भारती खुश थीं कि टीम ने 15 दिन से भी कम समय में दो अलग-अलग फाइनल में एक ही प्रतिद्वंद्वी को हराया.
* फाइनल को लेकर यह बोली भारती
यह वाकई बहुत स्पेशल लगता है. जब आप कम समय में दो बार एक ही विपक्षी टीम के खिलाफ खेलते हैं, तो वे आपकी ताकत और कमजोरियों को जानते हैं और आप भी उनकी जानते हैं. इसलिए, फिर से अच्छा प्रदर्शन करना और टॉप पर आना हमारी टीम के भीतर निरंतरता और आत्मविश्वास को दर्शाता है. सबसे बढ़कर, मैं वास्तव में खुश हूं कि पूरी टीम ने योगदान दिया, उन्होंने कहा.
भारती फूलमाली ने बहुत साफ कहा कि, संपूर्ण महिला क्रिकेट टीम किसी मुगालते में न थी. अपने टैलेंट पर भरोसा रखकर लगन और परिश्रम से एक-एक मैच को देखा, परखा और तैयारी की थी. अच्छी मार्जीन से विजय का लक्ष्य प्रत्येक मुकाबले में रखा गया था. सभी के योगदान से यह सहज संभव भी हुआ. भारती ने कहा कि, उनके लिए दोनों ही टूर्नामेंट का हिस्सा बनना शानदार रहा. इस दौरान काफी कुछ सीखा. क्रिकेट खेलना और एशियाई खेल ग्राम में एथलीट के बीच रहना भी अपनी तरह का अनुभव है. एथलीट हमें अनुशासन के साथ-साथ कठिन परिस्थिति में एवं तनाव को झेलना सिखलाते हैं. अब तक 15 अंतरराष्ट्रीय टी-20 मुकाबले खेल चुकी. भारती ने यह भी कहा कि, एशियाई खेलों से निश्चित ही हम सभी का आत्मविश्वास बढा है. बडे अवसरों पर अच्छे प्रदर्शन का यह सुफल है. भारती ने कहा कि, अनुभवी खिलाडियों के साथ खेलते हुए आपको खिलाडी और इंसान दोनों ही रुप में अपने-आप को ढालने की सीख मिलती है.
भारती फूलमाली ने कहा कि, सदैव सीखते रहना अच्छा होता है. उन्हें भी अपनी फिटनेस लेवल बढानी हीै. खेल का स्तर सुधार कर निरंतरता लाना है. अपने खेल के विभिन्न पहलुओं को विकसित करना विशेषकर दबाव में सर्वश्रेष्ठ देना उनका प्रयास रहेगा. उन्होंने मैदान पर फिटनेस के महत्व को बताया. कहा कि, बल्लेबाज के रुप में योगदान करना जरुरी है. उसी प्रकार टीम भावना से खेलते हुए क्षेत्ररक्षण में भी जिम्मेदारी होती है. इसके लिए आपका फिट रहना सबसे महत्वपूर्ण है. अमरावती की क्रिकेटर और आयकर विभाग में कार्यरत भारती फूलमाली ने मान्य किया कि, महिला टीम का क्षेत्ररक्षण अपेक्षा के अनुरुप नहीं है. इस क्षेत्र में काफी सुधार करना है. जापान में भी टीम की फिल्डींग उतनी अच्छी नहीं रही, जितनी होनी चाहिए. फूलमाली ने कहा कि, कई बार बेहतरीन क्षेत्ररक्षण से मैच के नतीजे पलटे जा सकते हैं. उन्होंने फिर अपने-आपको और टीम को लकी बताया कि, जापान में फिर क्षेत्ररक्षण स्तर का नहीं रहा.
अमरावती की भारती फूलमाली ने कहा कि, जापान में भारतीय महिला टीम को भी दर्शकों ने खूब जोरदार रिस्पॉन्स दिया. चौके-छक्के लगाए जाने पर वहां का स्टेडियम गूंज उठा था. भारतीय खिलाडियों से जापानी दर्शक बडे स्नेह करते दिखाई दिए. पहली बार क्रिकेट देख रहे लोगों ने भी खूब सराहा. यह देखकर बहुत अच्छा लगा. भारती ने कहा कि, एशियाई खेलों का यह अनुभव उन्हें लंबे समय तक स्मरण रहेगा. एशियाई खेलों में क्रिकेट का प्रवेश रोमांचक हो जाने की बात भारती ने कही.





