शिराला में खरीफ नियोजन सभा संपन्न

किसानों को किया गया मार्गदर्शन

शिराला /दि.25– खरीफ सीजन की पृष्ठभूमि पर किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक खेती पद्धतियों का मार्गदर्शन मिले, इसके लिए शिराला में खरीफ पूर्व नियोजन सभा आयोजित की गई. इस सभा में कपास फसल पर बोंड इल्ली नियंत्रण, बीज अंकुरण परीक्षण, बीज उपचार तथा विभिन्न बुवाई तकनीकों पर विस्तार से मार्गदर्शन किया गया.
इस दौरान सहायक कृषि अधिकारी मारोती जाधव ने कपास फसल को भारी नुकसान पहुंचाने वाली बोंड इल्ली के नियंत्रण के लिए एकीकृत कीट प्रबंधन पद्धतियों को अपनाने का आवाहन किया. समय पर निरीक्षण, फेरोमोन ट्रैप्स का उपयोग और अनुशंसित कीटनाशकों के संतुलित उपयोग पर जोर दिया गया.
बुवाई से पहले बीज अंकुरण परीक्षण करना आवश्यक बताया गया, और अच्छी अंकुरण क्षमता वाले बीज चुनने का महत्व समझाया गया. साथ ही बीज उपचार करने से फसल की शुरुआती वृद्धि अच्छी होती है और रोग-कीट नियंत्रण में मदद मिलती है, ऐसा मार्गदर्शन दिया गया.
इस दौरान बीबीएफ पद्धति, पट्टा पद्धति और मेड पर बुवाई तकनीक की जानकारी देकर जल प्रबंधन सुधार और उत्पादन बढ़ाने के लिए इन पद्धतियों को उपयोगी बताया गया. साथ ही बीज और कृषि आदानों की खरीद करते समय किसानों को लाइसेंसधारी कृषि सेवा केंद्र से ही खरीद करने, बिल लेने, उत्पाद की अवधि और गुणवत्ता जांचने का आवाहन किया गया. इसके अलावा खेत की मेढ़ पर जैविक आदान तैयार करने की पद्धतियां (जैव खाद, जीवाणु खाद, जैविक घोल) के बारे में भी जानकारी दी गई, जिससे उत्पादन लागत कम होती है और जमीन की उर्वरता बनी रहती है. सभा में बड़ी संख्या में किसानों ने उपस्थित रहकर विशेषज्ञों से अपनी शंकाओं का समाधान करवाया.

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