भुसावल-बडनेरा-वर्धा तीसरी-चौथी रेल लाइन परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू
केंद्र सरकार की राजपत्र अधिसूचना जारी, वर्धा, अमरावती, अकोला, बुलढाणा व जलगांव जिलों की भूमि होगी अधिग्रहित

अमरावती/दि.8- भुसावल-बडनेरा-वर्धा रेलखंड पर तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की महत्वाकांक्षी परियोजना को गति मिल गई है. केंद्र सरकार ने इस विशेष रेल परियोजना के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करते हुए राजपत्र (गजट) अधिसूचना जारी कर दी है. रेल मंत्रालय (मध्य रेलवे) की ओर से 18 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार, रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 20-ए के तहत महाराष्ट्र के जलगांव, बुलढाणा, अकोला, अमरावती और वर्धा जिलों में स्थित भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा. यह भूमि भुसावल-बडनेरा-वर्धा तीसरी एवं चौथी रेल लाइन (313 किलोमीटर) परियोजना के निर्माण, रखरखाव, प्रबंधन और संचालन के लिए आवश्यक बताई गई है.
* माल और यात्री यातायात को मिलेगा बड़ा लाभ
रेलवे अधिकारियों के अनुसार भुसावल से बडनेरा होते हुए वर्धा तक का यह रेलमार्ग मध्य भारत के सबसे व्यस्त रेलखंडों में शामिल है. वर्तमान में इस मार्ग पर यात्री और मालगाड़ियों का अत्यधिक दबाव है. तीसरी और चौथी लाइन बनने से ट्रेनों की आवाजाही सुगम होगी, माल परिवहन की क्षमता बढ़ेगी तथा रेल परिचालन में होने वाली देरी कम होगी.
* प्रभावित भूधारकों को आपत्ति का अधिकार
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसी भी भूधारक या हितधारक को राजपत्र प्रकाशन की तिथि से 30 दिनों के भीतर अपनी आपत्ति दर्ज कराने का अधिकार होगा. आपत्तियां संबंधित सक्षम प्राधिकारी के समक्ष लिखित रूप में प्रस्तुत करनी होंगी. अमरावती जिले के लिए उपविभागीय अधिकारी एवं सक्षम भूमि अधिग्रहण प्राधिकारी, अमरावती को सुनवाई का अधिकार दिया गया है. आपत्तिकर्ताओं को व्यक्तिगत रूप से अथवा विधिक प्रतिनिधि के माध्यम से अपना पक्ष रखने का अवसर प्रदान किया जाएगा.
* भूमि विवरण कार्यालय में उपलब्ध
रेलवे प्रशासन ने बताया है कि अधिग्रहित की जाने वाली भूमि का नक्शा, सर्वेक्षण विवरण तथा अन्य अभिलेख संबंधित सक्षम प्राधिकारी के कार्यालय में निरीक्षण के लिए उपलब्ध हैं. इच्छुक भूमि स्वामी और हितधारक निर्धारित अवधि में इन दस्तावेजों का अवलोकन कर सकते हैं.
* क्षेत्रीय विकास को मिलेगी रफ्तार
रेल विशेषज्ञों का मानना है कि तीसरी और चौथी लाइन परियोजना पूरी होने के बाद विदर्भ और खानदेश क्षेत्र की रेल संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी. अमरावती, अकोला, बुलढाणा और वर्धा जिलों के औद्योगिक तथा कृषि उत्पादों के परिवहन को नई गति मिलेगी. साथ ही मुंबई, नागपुर और देश के अन्य प्रमुख रेल मार्गों से कनेक्टिविटी और बेहतर होने की संभावना है. रेलवे की इस बहुप्रतीक्षित परियोजना को क्षेत्र के आर्थिक विकास और माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.





