शीघ्र हस्तक्षेप और स्कूल-पूर्व तैयारी के लिए ‘क्रॉस डिसेबिलिटी’ पाठ्यक्रम पुस्तिका का लोकार्पण

मुंबई /दि.15– दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग, महाराष्ट्र शासन और भारतीय पुनर्वास परिषद के संयुक्त तत्वावधान में शीघ्र हस्तक्षेप एवं स्कूल-पूर्व तैयारी के लिए तैयार की गई ‘क्रॉस डिसेबिलिटी दिव्यांगत्व अभ्यासक्रम आराखडा’ महत्वपूर्ण हस्तपुस्तिका का बुधवार को लोकार्पण किया गया.
हस्तपुस्तिका का लोकार्पण दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग के मंत्री अतुल सावे तथा महाराष्ट्र शासन के मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल के हाथों दोपहर 3 बजे संपन्न हुआ. कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव रणजीत सिंह देओल, महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव डॉ. अनुप कुमार यादव, दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग के सचिव डॉ. माणिक गुरसुल तथा दिव्यांग सशक्तिकरण आयुक्त, पुणे सत्यजित बडे प्रमुख रूप से उपस्थित रहे.
* दिव्यांग बच्चों के विकास में होगी उपयोगी
छोटी उम्र के दिव्यांग बच्चों को समय पर आवश्यक शैक्षणिक, विकासात्मक और पुनर्वास संबंधी सहायता उपलब्ध कराने तथा उनकी स्कूल-पूर्व तैयारी को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से यह हस्तपुस्तिका तैयार की गई है. यह विशेष शिक्षकों, पुनर्वास क्षेत्र के विशेषज्ञों, अभिभावकों और संबंधित सरकारी एवं सामाजिक संस्थाओं के लिए मार्गदर्शक के रूप में उपयोगी साबित होगी.
* अमरावती के विशेष शिक्षक नीरज तिवारी की महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम में उपस्थित श्रवणबाधित एवं अन्य दिव्यांगजनों को कार्यक्रम की कार्यवाही, अतिथियों के भाषण और मार्गदर्शन आसानी से समझाने के लिए अमरावती के नूतन मूकबधिर विद्यालय के विशेष शिक्षक एवं द्विभाषिक विशेषज्ञ नीरज सुरेश तिवारी ने इंटरप्रेटर के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
उनकी प्रभावी द्विभाषिक सेवाओं के कारण कार्यक्रम की जानकारी, अतिथियों के मार्गदर्शन और भाषण दिव्यांगजनों तक सहज एवं प्रभावी ढंग से पहुंच सके. दिव्यांग व्यक्तियों की समान भागीदारी सुनिश्चित करने तथा संवाद की बाधाओं को दूर करने की दिशा में उनकी भूमिका को विशेष रूप से सराहा गया. कार्यक्रम में अमरावती जिला प्रतिनिधि के रूप में प्रबंधकीय अधीक्षक पंकज मुदगल तथा संस्था के संस्थापक चंद्रशेखर मोहोल भी उपस्थित रहे. दिव्यांग बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शीघ्र हस्तक्षेप, स्कूल-पूर्व तैयारी और समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने वाले इस उपक्रम का उपस्थितों ने स्वागत किया.





