विधान परिषद चुनाव
महायुति ने जिलावार आधिकारिक उम्मीदवारों की सूची जारी

* बागियों के लिए महामंडलों में बडे पदों की खास ऑफर
मुंबई /दि.3- राज्य में आगामी विधान परिषद चुनाव के चलते राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है. इस चुनाव के लिए मतदान 18 जून को होगा. आज मुंबई में महायुति की एक महत्वपूर्ण संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई, जिसमें भाजपा नेता रवींद्र चव्हाण ने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की. उन्होंने कहा कि महायुति के सभी घटक दलों में बेहतर तालमेल है और गठबंधन पूरी ताकत से चुनाव लड़ रहा है. 18 जून को होने वाले मतदान में सभी 17 सीटों पर महायुति के उम्मीदवार भारी बहुमत से जीत हासिल करेंगे.
* बागियों के लिए ’स्पेशल ऑफर’
चुनाव की घोषणा के बाद से ही कई निर्वाचन क्षेत्रों में पार्टी के भीतर बगावत का सामना महायुति को करना पड़ रहा था. रवींद्र चव्हाण ने बताया कि वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप से अब तक 3 प्रमुख जगहों पर बगावत को शांत करने में सफलता मिली है. 4 जून उम्मीदवारी वापस लेने की आखिरी तारीख है. चव्हाण ने अपील की है कि जिन नेताओं या कार्यकर्ताओं ने आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ निर्दलीय या बागी के रूप में नामांकन दाखिल किया है, वे वरिष्ठों से बात कर अपना नाम वापस ले लें. उन्होंने भरोसा दिलाया कि जो नेता पार्टी का आदेश मानकर पीछे हटेंगे, उनके राजनीतिक पुनर्वास पर विचार किया जाएगा. भविष्य में आने वाली विभिन्न सरकारी समितियों और महामंडलों के अध्यक्ष या सदस्य पद के लिए उनके नामों पर सकारात्मक विचार किया जाएगा.
* महायुति की जिलावार आधिकारिक उम्मीदवार सूची
निर्वाचन क्षेत्र / जिला महायुति के आधिकारिक उम्मीदवार
वर्धा-चंद्रपुर-गड़चिरोली अरुण लखाणी
भंडारा-गोंदिया अविनाश ब्राह्मणकर
अमरावती प्रवीण पोटे
सोलापुर राजेंद्र राउत
सांगली-सतारा धैर्यशील कदम
अहिल्यानगर (अहमदनगर) प्राजक्त तनपुरे
छत्रपति संभाजीनगर-जालना सुहास शिरसाट
नांदेड़ अमर राजूरकर
धाराशिव-बीड-लातूर बसवराज पाटिल
जलगांव नंदकिशोर महाजन
नागपुर डॉ. राजीव पोतदार
ठाणे रवींद्र फाटक
यवतमाल दुष्यंत चतुर्वेदी
परभणी-हिंगोली सैयद खान
नासिक नरेंद्र दराडे
रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग अनिकेत तटकरे
पुणे विक्रम काकड़े महायुति के नेताओं ने विपक्ष के दावों को खारिज करते हुए कहा कि उनके पास न तो संख्या बल है और न ही कोई उचित रणनीति. महायुति के पास स्पष्ट बहुमत है और स्थानीय निकायों के अधिकांश पूर्व जनप्रतिनिधि गठबंधन के संपर्क में हैं. इसलिए यह चुनाव महज एक औपचारिकता है.





