पहली ही बारिश में महावितरण की मीटर पेटियों की पोल खुली

घटिया काम पर भ्रष्टाचार के आरोप

अमरावती /दि.9– महावितरण द्वारा शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए गए बिजली मीटर बॉक्स पहली ही बारिश और तेज हवा में क्षतिग्रस्त होने लगे हैं. कई स्थानों पर खंभों पर लगाई गई सफेद रंग की मीटर पेटियां टूटकर नीचे गिर गईं, जिससे काम की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं. इस मामले में शिवसेना उबाठा के अमरावती तहसील अध्यक्ष नितिन हटवार ने बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है.
हटवार ने कहा कि महावितरण ने ग्राहकों के घरों से बिजली मीटर हटाकर उन्हें खंभों पर लगाने का निर्णय लिया था. इसके लिए लाखों रुपये खर्च कर नई मीटर पेटियां लगाई गईं, लेकिन पहली ही बारिश में उनकी खराब गुणवत्ता सामने आ गई. कई जगहों पर पेटियां फट गईं, टूट गईं और खंभों से गिर गईं, जिससे नागरिकों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है. उन्होंने बताया कि करीब पांच वर्ष पहले भी लाल रंग की मीटर पेटियां लगाई गई थीं, जिनमें से अनेक का आज तक उपयोग नहीं हुआ. सड़क किनारे खड़ी ये पेटियां जंग लगने और सड़ने के कारण बेकार हो चुकी हैं. हटवार ने आरोप लगाया कि उस परियोजना में भी आर्थिक अनियमितताओं की आशंका थी. उनका कहना है कि महावितरण उपभोक्ताओं से विभिन्न मदों में भारी शुल्क वसूलता है, लेकिन बदले में गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराने के बजाय घटिया निर्माण कार्यों पर धन खर्च किया जा रहा है. इससे जनता के पैसे की बर्बादी हो रही है और ठेकेदारों तथा अधिकारियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है.
* उच्च स्तरीय जांच की मांग
नितिन हटवार ने मांग की है कि पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हुई मीटर पेटियों की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए. उन्होंने कहा कि इस मामले में इस्तेमाल की गई सामग्री की गुणवत्ता, कार्य की मंजूरी देने वाले अधिकारियों और संबंधित ठेकेदारों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए. दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए. उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मामले को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए.

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