फरमान के पैकेट में छिपाकर जेल की अंडासेल में मोबाइल हैंडसेट

सितंबर से अदालत पहुंचेगी चार्जशीट

11 माह बाद खुला राज, बारीकी से जांच
अमरावती/दि.1- अमरावती सेंट्रल जेल की अति सुरक्षित अंडासेल में हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे दो कैदियों के पास से मिले तीन मोबाइल हैंडसेट के मामले की जांच लगभग पूरी हो गई है. शहर के अपराध शाखा ने करीब 11 महीने तक मोबाइल हैंडसेट की सीडीआर-एसडीआर और तकनीकी साक्ष्यों की बारीकी से जांच की. जांच में फिलहाल सामने आया है कि दोनों कैदियों ने मोबाइल हैंडसेट का इस्तेमाल मुख्य रूप से अपनी बीबी- बच्चों और रिश्तेदारों से ऑडियो-वीडियो कॉल के लिए किया. किसी आपराधिक गतिविधि से इन मोबाइल का सीधा संबंध सामने नहीं आया है. पुलिस ने चार्जशीट तैयार करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है और सितंबर के अंत तक अदालत में चार्जशीट दाखिल किए जाने की संभावना है.
रूटीन तलाशी में खुला था मोबाइल हैंडसेट का राज
अंडासेल में हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे तरबेज दरवेश खान (बोरीवली मुंबई) और दस्तगीर गफ्फूर शहा (श्रीरामपुर, जिला अहिल्यानगर ) के पास रूटीन तलाशी के दौरान तीन मोबाइल हैंडसेट मिले थे. जेल प्रशासन की शिकायत पर फ्रेजरपुरा पुलिस थाने में मामला दर्ज हुआ.
* नेटवर्क और चार्जिंग की सुविधा नहीं, इसलिए रखे थे तीन मोबाइल
जांच में यह पहलू भी सामने आया कि अंडासेल में नेटवर्क और मोबाइल हैंडसेट चार्ज करने की सुविधा नहीं थी. इसी वजह से आरोपियों ने तीन मोबाइल हैंडसेट अपने पास रखे थे और जरूरत के अनुसार बैटरी लगाकर उनका इस्तेमाल करते थे. पुलिस ने मोबाइल हैंडसेट जेल के भीतर पहुंचने के तरीके को गंभीरता से लेते हुए इस पूरे पहलू की भी जांच की है.
* अनुमति मिलते ही अदालत में आरोपपत्र
पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद अब चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. संबंधित अदालतों से अनुमति मिलने के बाद जांच अधिकारी आरोपपत्र अदालत में पेश करेंगे. सितंबर माह के अंत तक चार्जशीट दाखिल होने की संभावना जताई जा रही है.
* दोनों हत्या के मामलों में काट रहे सजा
तरबेज दरवेश खान को बोरीवली की अदालत ने हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है. जबकी दस्तगीर गफ्फुर शाह को श्रीरामपुर की अदालत ने हत्या के जुर्म में उम्रकैद की सजा दी है. दोनों अलग-अलग मामलों में सजायाफ्ता कैदी है. इसलिए मोबाइल बरामदगी के मामले में चार्जशीट दाखिल करने के लिए संबंधित अदालतों से अनुमति मांगी गई है.

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