सामाजिक सरोकार निभान में अग्रणी सांसद डॉ. अनिल बोंडे

कुछ दिन पहले अमरावती के परतवाडा रोड स्थित भव्य सिकची रिसोर्ट में हमारे आईएएस बने विद्यार्थियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया था. कार्यक्रम में अनेक आईएएस अधिकारी उपस्थित थे. मुख्य अतिथि के रूप में सांसद डॉ. अनिल बोंडे को भी आमंत्रित किया गया था. कार्यक्रम शुरू होते ही वे पहुंचे. समय की पाबंदी उनकी सबसे बडी विशेषताओं में से एक है.
डॉ. बोंडे एक बार किसी कार्यक्रम के लिए शब्द दे दें, तो उसे हर हाल में निभाते है. कार्यक्रम छोटा हो या बडा वे उसे समान महत्व देते है. यदि किसी अत्यावश्यक कारण से स्वयं नहीं आ पाते तो डॉ. वसुधा बोंडे या मुझे कार्यक्रम में भेजते है. सांसद बोंडे की सबसे बडी विशेषता यह है कि एक बार किसी का काम स्वीकार कर लिया तो उनके लिए बार-बार याद दिलाने की आवश्यकता नही पडती. मुझे आज भी याद है कि उनके सहयोग से खुशाल बालपांडे नाम छात्र आज एमबीबीएस डॉक्टर बनकर गोंदिया जिले में सरकारी सेवा दे रहा है. यह घटना उनकी सामाजिक प्रतिबध्दता का सशक्त उदाहरण है.
एक संस्कारित और जनहितेषी सांसद के रूप में डॉ. अनिल बोंडे की पहचान है. उनकी धर्मपत्नी डॉ. वसुधा बोंडे भी सामाजिक कार्यो में समान रूप से सहभागी है और सदैव उनका साथ देती है.
हमारी डॉ. पंजाबराव देशमुख आईएएस अकादमी और मिशन आईएएस से उनका आत्मीय संबंध है. उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र मोर्शी और वरूड में मिशन आईएएस को पूरी निष्ठा से सहयोग दिया है. विद्यार्थियों के लिए रहने ,भोजन, वाहन तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उन्होंने स्वयं कराई. इसी का परिणाम है कि, आज इस क्षेत्र से बडी संख्या में विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हो रहे है.
डॉ. बोंडे कभी यह नहीं देखते की सामने वाला व्यक्ति किसी दल का है या नहीं, वे सभी की समान भावना से सहायता करते है. उनका आत्मविश्वास और कार्यशैली प्रेरणादायक है, वे कहते है कि आप मेरे साथ मत आइए, मैें लौटकर आउंगा तब तक आपका काम हो चुका होगा. जब वे चिकित्सक थे, तब भी वे स्वयं मेरे पास आया करते थे. बाद में जब उन्होंने अपनी पुत्री मनाली के लिए आईएएस की तैयारी का विचार किया, तब भी वे स्वयं उसे लेकर मेरे पास आए. गुरू के प्रति उनका सम्मान अनुकरणीय है. डॉ. बोंडे को पढने का विशेष शौक है. उनकी गाडी में हमेशा पुस्तके रहती है. वे समय-समय पर मुझे फोन करके नई पुस्तकों की जानकारी पूछते है. कोरोना काल में उन्होंने मेरे पास से अनेक पुस्तके मंगवाई, उन्हें पढा और बाद में उन पर गंभीर चर्चा भी की. आज जब अधिकांश विद्यार्थियों के पास पढने का समय नहीं है, तब एक अत्यंत व्यस्त सांसद का अध्ययन के लिए समय निकालना वास्तव में प्रेरणादायक है. मिशन आईएएस के लगभग प्रत्येक कार्यक्रम में वे उपस्थित रहते है. सहयोग करते और अन्य लोगों को भी आगे आकर सहायता करने के लिए प्रेरित करते है. अमरावती में 11 करोड रूपए की लागत से बने सरकारी आईएएस प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है. आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ कि मैेंने उन्हें कोई उचित कार्य बताया हो और उन्होंने उसे पूरा न किया हो. जनसामान्य की समस्याओं का समाधान करना, लोगों के बीच रहना और जरूरतमंदों की सहायता करना उनकी कार्यशैली का अभिन्न हिस्सा है. ऐसे कर्मयोगी संवेदनशील और समाजनिष्ठ जनप्रतिनिधि डॉ. अनिल बोंडे का आज 3 अगस्त को जन्मदिन है. इस अवसर पर उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं एवं उत्तम स्वास्थ्य ,दीघार्यु तथा निरंतर जनसेवा के लिए मंगलकामनाएं.
प्रो. डॉ. नरेशचंद्र काठोले
संचालक ,मिशन आईएएस
अमरावती कैंप मो.- 9890967003