एनसीपी विलय ने नेतृत्व और सत्ता साझेदारी बनी रोडा

दोनों गुट चाहते है राष्ट्रीय अध्यक्ष पद

* सुनेत्रा पवार उपमुख्यमंत्री पर भी अडी
मुंबई /दि.25- राकांपा के दोनों गुटों के विलय की लगाई जा रही अटकलों को अब विराम लगता नजर आ रहा है. माना जा रहा था कि, संसद के मानसून सत्र से पूर्व शरद पवार गुट और सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाले गुट के बीच विलीनीकरण की प्रक्रिया आगे बढ सकती है. लेकिन सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रीय नेतृत्व और पदों के बंटवारे पर मामला अटक गया है. हाल ही में छात्र आंदोलन के दौरान शरद पवार की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात के बाद भी विलय की चर्चा काफी तेज हो गई थी.
राकांपा (अजीत पवार गुट) के सूत्रों के मुताबिक सबसे बडा विवाद इस बात को लेकर है कि, यदि दोनों गुट एक हो जाते है, तो संयुक्त राकांपा का नेृतत्व किसके हाथ में होगा. उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार संयुक्त पार्टी में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद और उपमुख्यमंत्री का पद अपने पास बनाये रखने के पक्ष में है. वहीं शरद पवार गुट भी नेतृत्व अपने हाथ में रखना चाहता है. इसी कारण दोनों पक्षों के बीच गतिरोध बना हुआ है. सरकार ने मंत्री पदों के बंटवारों को लेकर भी दोनों गुटों के बीच मतभेद बताये जा रहे हैं. साथ ही भविष्य में संगठन तथा सरकार में शक्ति संतुलन कैसे रहेंगा, इस बात पर भी कोई अंतिम सहमति नहीं बन पायी है.

* सुनेत्रा और पार्थ पवार की नाराजगी की चर्चा
सूत्रों के मुताबिक उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार दोनों ही मौजूदा स्वरुप में प्रस्तावित विलय को लेकर पूरी तरह से सहमत नहीं है. वरिष्ठ नेताओं द्वारा दोनों को मनाने की कोशिश जारी है. लेकिन अब तक कोई निर्णायक सफलता नहीं मिली है. दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी के छात्र आंदोलन और उससे जुडे देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच राजनीतिक समीकरण भी बदलते नजर आ रहे है. खबर है कि, मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के चलते राकांपा के दोनों गुटों के बीच चल रही बातचीत फिलहाल ठंडे बस्ते में चली गई है.

Back to top button