चार महीने से बैंक मैनेजर नहीं, किसान परेशान

नागरिकों ने आंदोलन की चेतावनी

* शेंदुरजनाघाट की स्टेट बैंक शाखा में स्टाफ की कमी से कामकाज प्रभावित
* किसान, विद्यार्थी और वरिष्ठ नागरिकों को परेशानी
वरुड /दि.26 किसानों और आम नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाने वाली स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शेंदुरजनाघाट शाखा पिछले करीब चार महीनों से स्थायी शाखा प्रबंधक के अभाव में परेशानियों से जूझ रही है. स्थायी मैनेजर की नियुक्ति नहीं होने और कर्मचारियों की कमी के कारण बैंक का कामकाज प्रभावित होने का आरोप नागरिकों ने लगाया है.
नागरिकों का कहना है कि पिछले चार महीनों से शाखा में स्थायी मैनेजर नहीं है. इस दौरान अलग-अलग अधिकारियों को प्रभारी जिम्मेदारी देकर काम चलाया जा रहा है. इससे बैंक में निर्णय लेने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और ग्राहकों को अपने काम के लिए बार-बार बैंक के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं.
* किसानों के काम अटके
किसानों को विभिन्न योजनाओं और बैंकिंग कार्यों के लिए परेशान होना पड़ रहा है. अहिल्याबाई होलकर ऋणमाफी योजना के लिए आवश्यक ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कराने में भी किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. तकनीकी त्रुटियों और कुछ किसानों के खातों में फसल कर्ज से संबंधित राशि जमा नहीं होने के कारण कई किसान योजनाओं के लाभ से वंचित रहने की शिकायत कर रहे हैं. किसानों का आरोप है कि बैंक में जिम्मेदार अधिकारी के स्थायी रूप से उपलब्ध नहीं होने के कारण उनकी समस्याओं का समय पर निराकरण नहीं हो पा रहा है.
* सात अधिकारियों को दी प्रभारी जिम्मेदारी
नागरिकों का आरोप है कि पिछले कुछ महीनों में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा करीब सात अलग-अलग मैनेजरों को प्रभारी जिम्मेदारी देकर शाखा का कामकाज चलाया गया. बार-बार प्रभारी अधिकारी बदलने से ग्राहकों को अपनी समस्याएं दोबारा समझानी पड़ती हैं और कई मामलों में निर्णय लेने में भी देरी होती है.
* विद्यार्थी और वरिष्ठ नागरिक भी परेशान
शाखा में कर्मचारियों की पहले से ही कमी है. इसके साथ ही स्थायी निर्णय लेने वाले अधिकारी के अभाव में विद्यार्थियों से जुड़े बैंकिंग कार्य, महिला बचत समूहों के मामले तथा वरिष्ठ नागरिकों के जरूरी काम भी प्रभावित हो रहे हैं.
* स्थायी मैनेजर नहीं तो आंदोलन
लगातार बढ़ती परेशानी से नाराज नागरिकों और किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही शेंदुरजनाघाट शाखा में स्थायी शाखा प्रबंधक की नियुक्ति नहीं की गई और लंबित कार्यों का निपटारा नहीं हुआ, तो बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा. नागरिकों ने बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर शाखा में पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराने और किसानों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की है.

Back to top button