जमीन हस्तांतरण बाबत अब जिलाधिकारी स्तर पर होंगे निर्णय

राज्य की फडणवीस सरकार का बड़ा फैसला

मुंबई /दि.6- महाराष्ट्र सरकार ने शासकीय जमीनों की बिक्री, हस्तांतरण, पुनर्विकास और भूमि उपयोग परिवर्तन संबंधी मंजूरी प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने के लिए बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है. अब इन मामलों में राज्य सरकार के कई अधिकार सीधे जिलाधिकारी और संभागीय आयुक्त स्तर पर विकेंद्रित कर दिए गए हैं. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने यह निर्णय लिया है. इस संबंध में राजस्व विभाग द्वारा परिपत्रक भी जारी कर दिया गया है.
अब तक शासकीय जमीनों की बिक्री, हस्तांतरण, पुनर्विकास, अतिरिक्त एफएसआई अथवा टीडीआर के उपयोग के लिए मंत्रालय की मंजूरी आवश्यक होती थी. नई व्यवस्था के तहत इन मामलों में निर्णय लेने के अधिकार स्थानीय स्तर पर सौंपे गए हैं, जिससे फाइलों का निपटारा तेजी से हो सकेगा और नागरिकों तथा विकासकों को मंत्रालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. सरकार के अनुसार प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने के लिए 28 दिसंबर 2015 और 17 सितंबर 2016 की पूर्व अधिसूचनाएं भी रद्द कर दी गई हैं. राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि यह निर्णय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की गतिशील प्रशासन की अवधारणा के अनुरूप लिया गया है. इससे विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी, प्रशासनिक प्रक्रियाएं सरल होंगी और नागरिकों का समय, धन तथा अनावश्यक दौड़-भाग बचेगी. सरकार का मानना है कि इस फैसले से भूमि संबंधी मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और राज्य में विकास परियोजनाओं को प्रशासनिक स्तर पर अधिक सुगमता मिलेगी.

* नई व्यवस्था की प्रमुख बातें
– शासकीय जमीनों की बिक्री, हस्तांतरण और पुनर्विकास से जुड़े कई निर्णय अब स्थानीय स्तर पर लिए जा सकेंगे.
– अतिरिक्त एफएसआई और टीडीआर उपयोग से संबंधित मामलों में भी प्रक्रिया सरल होगी.
– 10 लाख रुपये तक के मामलों में निर्णय लेने का अधिकार जिला कलेक्टर को दिया गया है.
– 20 लाख रुपये तक के मामलों में अधिकार संभागीय आयुक्त को प्रदान किए गए हैं.
– नजराना एवं अन्य निर्धारित शुल्क नियमानुसार वसूले जाएंगे.
– नजूल जमीनों पर इस निर्णय का पूर्वलक्षी प्रभाव लागू नहीं होगा.
– किसी विसंगति की स्थिति में मूल शर्तें और नियम प्रभावी रहेंगे.

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