कैन में डीजल देने पर पेट्रोल पंप का लाइसेंस हो सकता है रद्द

डीजल बिक्री पर सख्ती

मुंबई /दि.6 महाराष्ट्र सरकार के नए डीजल परिपत्रक को लेकर पेट्रोल पंप संचालकों और उद्योग जगत में चिंता बढ़ गई है. परिपत्रक के अनुसार, यदि कोई पेट्रोल पंप निर्धारित नियमों का उल्लंघन करते हुए कैन या कंटेनर में डीजल की बिक्री करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए लाइसेंस तक रद्द किया जा सकता है.
इस फैसले के बाद राज्यभर के पेट्रोल पंप संचालकों में चिंता का माहौल है. वहीं, चेंबर ऑफ एसोसिएशन ऑफ महाराष्ट्र इंडस्ट्रीज एंड ट्रेड ने इस परिपत्रक के संभावित प्रभावों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है. महाराष्ट्र चेंबर का कहना है कि अवैध डीजल व्यापार और कालाबाजारी रोकने के उद्देश्य का वह समर्थन करता है, लेकिन मौजूदा स्वरूप में नियम लागू होने से लाखों वैध और नियमित उपभोक्ताओं को परेशानी हो सकती है. संगठन के अनुसार अस्पताल, नर्सिंग होम, डायग्नोस्टिक सेंटर, हाउसिंग सोसायटी, होटल, रेस्टोरेंट, शैक्षणिक संस्थान, लघु एवं मध्यम उद्योग, कोल्ड स्टोरेज, टेलीकॉम टावर, बैंक, एटीएम, निर्माण कार्य और कृषि क्षेत्र जैसे कई सेक्टर डीजल जनरेटर और उपकरणों पर निर्भर हैं.
महाराष्ट्र चेंबर ने आशंका जताई है कि लाइसेंस रद्द होने के डर से पेट्रोल पंप संचालक वैध ग्राहकों को भी डीजल देने से बच सकते हैं. इससे आवश्यक सेवाओं, उद्योगों और आम नागरिकों के दैनिक कार्य प्रभावित हो सकते हैं. इसी मुद्दे को लेकर संगठन ने देवेंद्र फडणवीस को पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. संगठन ने सरकार से परिपत्रक को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने और वैध उपभोक्ताओं को राहत देने की अपील की है. हालांकि, सरकार की ओर से इस परिपत्रक के संबंध में विस्तृत स्पष्टीकरण या संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए जाने का इंतजार किया जा रहा है. ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सरकार और उद्योग संगठनों के बीच चर्चा तेज होने की संभावना है.

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