पैसों से नहीं बल्कि प्यार और विश्वास से जीता जाता है लोगों को

विधान परिषद चुनाव पर सियासत तेज

* सुप्रिया सुले के आरोपों पर फडणवीस का पलटवार
मुंबई /दि.6 – महाराष्ट्र विधान परिषद चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है. चुनाव के अंतिम चरण में कुछ उम्मीदवारों के नाम वापस लेने के बाद विपक्ष ने महायुति पर लाभ लेने और कथित हॉर्स-ट्रेडिंग के आरोप लगाए हैं. इसी मुद्दे पर सांसद सुप्रिया सुले के आरोपों का मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जवाब दिया है.
नवी मुंबई में मीडिया से बातचीत करते हुए फडणवीस ने कहा कि अगर लोगों को पैसों से नहीं, बल्कि प्यार और विश्वास से जीता जा सकता है, यह समझ में आ जाए तो ऐसे विधेयक लाने की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी. हालांकि उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता से सहमति जताते हुए कहा कि यदि कोई इस संबंध में विधेयक लाता है तो उसे समर्थन देने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी. मुख्यमंत्री ने कोंकण विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्र में उम्मीदवारों के नाम वापस लेने के घटनाक्रम पर भी प्रतिक्रिया दी. ठाकरे गुट के उम्मीदवार बाल माने के नाम वापस लेने और भाजपा में शामिल होने की चर्चाओं पर उन्होंने कहा कि बाल माने पहले से ही उनके संपर्क में थे. भाजपा में अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व का होता है और प्रदेश अध्यक्ष जो निर्णय लेंगे, वह स्वीकार्य होगा.
दूसरी ओर सुप्रिया सुले ने भाजपा पर तीखा हमला जारी रखते हुए आरोप लगाया कि हाल के चुनावों में बड़े पैमाने पर हॉर्स-ट्रेडिंग हो रही है. उन्होंने यह भी दावा किया कि विपक्षी उम्मीदवारों पर दबाव बनाने के लिए जांच एजेंसियों का उपयोग किया जा रहा है. सुले ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए वह संसद में विधेयक लाने का प्रयास करेंगी. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधान परिषद चुनावों के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो सकता है. आगामी स्थानीय निकाय, विधानसभा और लोकसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में यह मुद्दा आने वाले दिनों में और अधिक चर्चा का विषय बनने की संभावना है.

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