ऑपरेशन ‘नन्हे फरिश्ते’ के तहत आरपीएफ ने बिछड़े बच्चे को परिवार से मिलाया

पालकों से बिछडकर शेगांव में चढ गया था ट्रेन में

मूर्तिजापुर /दि.6 – रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने अपने मानवतावादी अभियान ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत एक 13 वर्षीय बालक को सुरक्षित बचाकर उसके माता-पिता से पुनर्मिलन कराया. आरपीएफ को रेल मदद के माध्यम से सूचना मिली कि ट्रेन संख्या 12139 डाउन के जनरल कोच में सवार सौरभ अभय चौधरी (13) अपने परिवार से बिछड़ गया है. उसके माता-पिता और भाई शेगांव रेलवे स्टेशन पर रह गए थे, जबकि सौरभ ट्रेन में चढ़ गया था.
सूचना मिलते ही आरपीएफ के हेड कॉन्स्टेबल गोपाल हरणे और कॉन्स्टेबल संदीप तायडे ने तत्काल कार्रवाई शुरू की. मूर्तिजापुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पहुंचने के बाद एस्कॉर्टिंग प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक नितीन मिस्त्री की सहायता से संबंधित डिब्बे में जाकर बालक की पहचान की गई और उसे सुरक्षित रूप से ट्रेन से उतारकर आरपीएफ थाना, मूर्तिजापुर लाया गया. आरपीएफ थाने में बच्चे की उसके माता-पिता से मोबाइल फोन पर बात कराई गई तथा उन्हें बताया गया कि उनका पुत्र पूरी तरह सुरक्षित है. इसके बाद माता-पिता को मूर्तिजापुर पहुंचने के लिए आवश्यक जानकारी दी गई. बालक के माता-पिता के आरपीएफ थाना पहुंचने पर सहायक उपनिरीक्षक हरीश महल्ले ने बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी), अकोला के निर्देशानुसार दो स्वतंत्र पंचों की उपस्थिति में पहचान और सत्यापन की सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कीं. सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सौरभ को सुरक्षित रूप से उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया.
अपने पुत्र को सकुशल वापस पाकर परिवार ने आरपीएफ की तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय कार्यशैली के लिए आभार व्यक्त किया. आरपीएफ का ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते अभियान रेलवे यात्रा के दौरान बिछड़े, लापता अथवा असहाय बच्चों को उनके परिजनों से मिलाने का महत्वपूर्ण सामाजिक कार्य लगातार कर रहा है. रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने से बचें, अपने सामान का ध्यान रखें तथा रेलवे परिसर में कोई लावारिस, असहाय या भटका हुआ बच्चा अथवा व्यक्ति दिखाई देने पर तुरंत आरपीएफ, रेलवे कर्मचारियों या हेल्पलाइन 139 पर सूचना दें.

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