हे भगवान! क्या बाप्पा को आधा मोदक रखूं
महंगाई ने किया सभी को बेजार

* अवर्षा की भी मार, उत्सवों के सीजन में पेढे, जलेबी भी महंगे
अमरावती/दि.7 – महंगाई की मार ने इस बार सभी को आहत किया है. उसमें भी मध्यम वर्ग पर हमेशा की तरह चोट तगडी लग रही है. गणेशोत्सव सप्ताह भर पर आ गया है. ऐसे में सजावट तो दूर, मिठाई अथवा मोदक का भोग लगाना भी दुश्वार हो जाने लायक कीमतें बढ जाने की आशंका ने सभी को घेर रखा है. मिठाई में उपयोग आने वाले दूध, घी, मैदा, शक्कर, सूखा मेवा सभी के रेट सामान्य लोगों की पहुंच से बाहर हो रहे हैं. आधा किलो की बजाए पाव किलो मिठाई लाने की नौबत देखी जा रही है. सजावट की सामग्री के भी दाम बहुत बढे हुए हैं. उधर जलेबी और पेढे भी महंगे हो जाने से लोग आपस में सवाल कर रहे हैं कि, क्या गणपति बाप्पा को घर लाकर आधा मोदक ही अर्पित करुं?
* 25 प्रतिशत से अधिक बढे दाम
शहर के प्रमुख मिठाई विक्रेताओं से चर्चा की तो उन्होंने बताया कि, सभी वस्तुओं-सामग्री के रेट बढ गए हैं. कच्चे माल के साथ-साथ लेबर चार्ज भी बढ जाने के कारण मिठाईयां 20-25 प्रतिशत महंगी करने के अलावा चारा नहीं है. कुछ मिठाई दुकानदारों ने बताया कि, एफडीए के एक्शन के कारण ताजा-तरीन मिठाईयां उपलब्ध करवाई जा रही है. अत: सीमित मात्रा में माल तैयार किया जाता है. सीमित माल के बावजूद लेबर चार्ज और अन्य पसारा उतना ही होता है. यह भी वजह है कि, रेट बढाने पडे है.
* घी, शक्कर, सूखा मेवा महंगे
उन्होंने बताया कि, दूध के रेट 75 रुपए प्रति लीटर जा पहुंचे हैं. इसके कारण मावा और घी के रेट चढ गए हैं. शक्कर, बेसन, मैदा पहले से ही तेज चल रहे हैं. ऐसे में काजू, किसमिश, बदाम, पिस्ता जैसे सूखे मेवे महंगे हो गए हैं. इन्हीं के कारण मिठाईयों का चाव, स्वाद बढता है.
* पेढे और जलेबी भी महंगी
जवाहर गेट के प्रसिद्ध पेढा व्यवसायी गोपाल ने बताया कि, लेबर चार्ज, कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा होने से पेढे के रेट बढाने पडे है. अब सादे पेढे 400 रुपए पार प्रति किलो हो गए है. जलेबी के दाम 220 रुपए वनस्पती घी बताए गए हैं. लेबर चार्ज इसलिए भी बढा है कि, एफडीए की हलचल के कारण हर समय साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना पडता है. सामग्री को ताजा और खाने योग्य रखा जा रहा है. माल सीमित मात्रा में बनाना भी महंगाई का एक कारण कह सकते हैं. गोपाल ने बताया कि, गणेशोत्सव के लिए अभी ऑर्डर आनी शुरु हुई है, फिर भी लगता है कि, इस बार मोदक के ऑर्डर सीमित रहेंगे.





