दुर्गोत्सव में 300 से अधिक गुंडे तडीपार
सीपी राकेश ओला द्वारा कार्रवाई

67 हिस्ट्रीशिटर दो साल के लिए जिला बदर
अमरावती/दि.15 – शहर में कदाचित पहली बार उत्सव के दौरान 300 से अधिक बदमाशों को तडीपार किया गया है. पुलिस आयुक्त राकेश ओला ने इस प्रकार के एक्शन के संकेत उत्सव संबंधी समीक्षा बैठक में दे दिए थे. जब नवरात्रि की बंदोबस्त का खाका रेडी हो रहा था. इस दौरान शहर में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने, किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने तथा आम नागरिकों को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शहर पुलिस आयुक्तालय ने अपराधियों के खिलाफ बडी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है. पुलिस ने परिमंडल क्रमांक-1 के अंतर्गत आने वाले विभिन्न पुलिस थाना क्षेत्रों में गंभीर अपराधों तथा सांप्रदायिक तनाव बढाने की आशंका वाले मामलों से जुडे कुल 331 व्यक्तियों को दुर्गोत्सव की संपूर्ण अवधि के लिए शहर और परिसर से तडीपार किया है. इसके अलावा 67 कुख्यात आरोपियों को दो वर्ष की अवधि के लिए शहर व जिले से तडीपार करने की कार्रवाई की गई है.
* 6 थाना क्षेत्रों के आरोपी
दुर्गोत्सव के दौरान किसी भी प्रकार की अशांति उत्पन्न न हो और उपद्रवी तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके, इसके लिए पुलिस आयुक्तालय के जोन क्रमांक-1 के अंतर्गत आने वाले छह पुलिस थाना क्षेत्रों में यह कार्रवाई की गई है. इनमें गाडगे नगर, नागपुरी गेट, वलगांव, फ्रेजरपुरा, नांदगांव पेठ और बडनेरा पुलिस थाना क्षेत्र में शामिल है. इन थाना क्षेत्रों में गंभीर अपराधों में संलिप्त रहे तथा सांप्रदायिक तनाव बढाने वाले अपराधों से जुडे व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई.
* अमरावती आने न पाए प्रतिबंधित व्यक्ति
पुलिस ने उपलब्ध प्रावधानों के अनुसार कुल 331 व्यक्तियों को दुर्गोत्सव की संपूर्ण अवधि के लिए शहर एवं परिसर से बाहर रखने की कार्रवाई की है. इस कदम का उद्देश्य उत्सव के दौरान संभावित विवादों, उपद्रव और कानून-व्यवस्था संबंधी समस्याओं को रोकना है. दुर्गोत्सव के दौरान की गई कार्रवाई के साथ ही पुलिस प्रशासन ने महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के प्रावधानों के तहत 67 आरोपियों को दो वर्ष की अवधि के लिए शहर और जिले से तडीपार किया है. पुलिस प्रशासन के अनुसार तडीपार किए गए व्यक्तियों पर निर्धारित प्रतिबंधों का पालन करना अनिवार्य होगा. यदि प्रतिबंधित व्यक्ति संबंधित आदेशों का उल्लंघन करते हुए संबंधित पुलिस थाना क्षेत्र में पाए जाते है, तो उनके खिलाफ लागू कानूनी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. इस संबंध में पुलिस ने आवश्यक प्रतिबंधात्मक एवं कानूनी कार्रवाई की व्यवस्था की है.
* नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा
– पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य शहर में आपराधिक अतिविधियों पर अंकुश लगाना, आदतन अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखना और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है.
– दुर्गोत्सव जैसे बडे धार्मिक एवं सार्वजनिक उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, मंडलों के कार्यक्रमों का शांतिपूर्ण आयोजन और विसर्जन के समय कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है.
– ऐसे संभावित उपद्रवी तत्वों के खिलाफ समय रहते प्रतिबंधात्मक कार्रवाई को सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि, आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों पर लगातार नजर रखी जाएगी.
– शहर में शांति भंग करने, कानून-व्यवस्था प्रभावित करने या किसी प्रकार का उपद्रव करने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर प्रतिबंधात्मक एवं कानून कार्रवाई की जाएगी.





