आखिर क्या बननेवाला है गिरडा में

जिसे राज्य कैबिनेट ने दी स्वीकृति

गिरडा स्थित गजानन महाराज तीर्थ केंद्र को अंतिम मंजूरी
अमरावती/दि.15 – श्री संत गजानन महाराज संस्थान, शेगांव ने बुलढाणा जिले के गिरडा में वृक्षारोपण के लिए आवंटित 19 हेक्टेयर और 6 एकड़ ई-क्लास सरकारी जमीन के एक हिस्से पर तीर्थयात्रा-संबंधी सुविधाएं विकसित करने की अनुमति मांगते हुए प्रस्ताव प्रस्तुत किया था. महाराष्ट्र कैबिनेट ने बुलढाणा जिले के गिरडा गांव में 3 हेक्टेयर और 81 एकड़ सरकारी जमीन पर श्री संत गजानन महाराज संस्थान, शेगांव द्वारा तीर्थ केंद्र के विकास के लिए स्थायी निर्माण को मंजूरी दे दी है. यह निर्णय बुधवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान लिया गया.
* इको-टूरिज्म, सभागार, शांति कुटीर
संस्थान ने गिरडा में वृक्षारोपण के लिए आवंटित 19 हेक्टेयर और 6 एकड़ ई-क्लास सरकारी जमीन के एक हिस्से पर तीर्थयात्रा-संबंधी सुविधाएं विकसित करने की अनुमति मांगते हुए प्रस्ताव प्रस्तुत किया था. प्रस्तावित सुविधाओं में एक स्मारक केंद्र, इको-टूरिज्म केंद्र, शांति कुटीर, आवासीय परिसर, सभागार, प्रदर्शनी केंद्र, ओपन-एयर मंच, प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, आयुर्वेदिक अनुसंधान केंद्र, अस्पताल और ग्रामीण कुटीर उद्योग शामिल हैं. इन सुविधाओं का उद्देश्य स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं में सुधार करना है. कैबिनेट ने प्रस्ताव को महाराष्ट्र भू-राजस्व संहिता, 1966 की धारा 40 के तहत निर्धारित नियमों और शर्तों के अधीन मंजूरी दी.

* 25 एकड में केवल वृक्षारोपण
एक प्रमुख शर्त यह निर्धारित करती है कि स्थायी निर्माण के लिए अनुमत क्षेत्र को छोड़कर शेष 15 हेक्टेयर और 25 एकड़ जमीन का उपयोग विशेष रूप से वृक्षारोपण के लिए ही जारी रहना चाहिए.

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