5 लाख से अधिक वंचित किसानों को मिलेगी कर्जमाफी, 14 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे
फडणवीस सरकार ने मंत्रिमंडल बैठक में लिए कई अहम निर्णय

* प्रशासनिक पुनर्गठन, नए महाविद्यालयों को मंजूरी, जीएसटी कानून में संशोधन और एमआईडीसी को अधिक वित्तीय अधिकार
मुंबई/ दि.9 – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई महाराष्ट्र मंत्रिमंडल की बैठक में किसानों, विद्यार्थियों, उद्योग जगत और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई. बैठक का सबसे बड़ा निर्णय वर्ष 2017 और 2019 की कर्जमाफी योजनाओं से वंचित रह गए किसानों को राहत देने का रहा. राज्य सरकार ने ऐसे पांच लाख से अधिक किसानों को कर्जमाफी का लाभ देने का निर्णय लिया है, जिस पर लगभग 14 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. सरकार का मानना है कि इससे लंबे समय से कर्जमाफी की प्रतीक्षा कर रहे लाखों किसानों को राहत मिलेगी, जबकि अन्य फैसलों से प्रशासनिक कार्यप्रणाली, उच्च शिक्षा और औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी.
* वंचित किसानों को मिलेगा कर्जमाफी का लाभ
मंत्रिमंडल ने उन किसानों को कर्जमाफी देने का फैसला किया है जो पात्र होने के बावजूद वर्ष 2017 और 2019 की कर्जमाफी योजनाओं का लाभ नहीं प्राप्त कर सके थे. विभिन्न तकनीकी कारणों, बैंकिंग प्रक्रियाओं और दस्तावेजी विसंगतियों के चलते बड़ी संख्या में किसान योजनाओं से बाहर रह गए थे. किसान संगठनों और जनप्रतिनिधियों की ओर से लगातार मांग की जा रही थी कि इन किसानों को भी राहत दी जाए. सरकार ने इसी मांग को स्वीकार करते हुए पांच लाख से अधिक किसानों को कर्जमाफी योजना के दायरे में लाने का निर्णय लिया है.
* मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनेगी उच्चस्तरीय समिति
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी. यह समिति योजना की निगरानी और समन्वय का कार्य करेगी. इसके अलावा बैंकों के साथ बातचीत कर कर्जमाफी की राशि और प्रक्रिया तय करने के लिए अपर मुख्य सचिव (वित्त) की अध्यक्षता में अलग समिति बनाई जाएगी. इसमें सहकार विभाग, महा-आईटी, महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति तथा सहकार आयुक्त कार्यालय के प्रतिनिधि शामिल होंगे.
* राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों के कर्ज भी शामिल
सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना का लाभ केवल सहकारी बैंकों तक सीमित नहीं रहेगा. राष्ट्रीयकृत बैंकों, निजी बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों तथा प्राथमिक कृषि ऋण समितियों से लिए गए पात्र कृषि ऋण भी योजना के दायरे में आएंगे. योजना का लाभ लेने के लिए किसानों का आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य होगा. साथ ही ‘एग्रीस्टैक’ डिजिटल मंच पर पंजीकरण भी आवश्यक किया गया है. पूरी प्रक्रिया के संचालन के लिए एक नया डिजिटल पोर्टल विकसित किया जाएगा.
* मंत्रालय के 13 विभागों का पुनर्गठन
सामान्य प्रशासन विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए मंत्रिमंडल ने मंत्रालय के 13 विभागों के पुनर्गठन का निर्णय लिया है. वर्तमान में राज्य शासन में 33 प्रशासनिक विभाग कार्यरत हैं, जिनकी संख्या बढ़कर 43 हो जाएगी. सरकार के अनुसार इससे विभिन्न विभागों के कार्यों का बेहतर विभाजन होगा और निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक तेज तथा प्रभावी बनेगी. महत्वपूर्ण बात यह है कि इस पुनर्गठन के लिए कोई नया पद सृजित नहीं किया जाएगा.
* नए महाविद्यालयों और पाठ्यक्रमों को मंजूरी
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रस्ताव के तहत राज्य में नए महाविद्यालयों को अंतिम स्वीकृति देने तथा वर्तमान संस्थानों में नए संकाय, विषय, पाठ्यक्रम और अतिरिक्त कक्षाएं शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है. इसके लिए महाराष्ट्र सार्वजनिक विश्वविद्यालय अधिनियम, 2016 में आवश्यक संशोधनों को मंजूरी दी गई है. सरकार का कहना है कि इससे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे और नए शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना को गति मिलेगी.
* महाराष्ट्र जीएसटी कानून में संशोधन
वित्त विभाग के प्रस्ताव के अनुसार महाराष्ट्र वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 में संशोधन को मंजूरी दी गई है. इसका उद्देश्य राज्य के कानून को केंद्रीय जीएसटी अधिनियम, 2017 के अनुरूप बनाना है. इसके साथ ही महाराष्ट्र वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026 में आवश्यक बदलावों को भी मंजूरी दी गई है. सरकार को उम्मीद है कि इससे कर व्यवस्था अधिक सरल और पारदर्शी बनेगी तथा व्यापारियों को प्रक्रियागत राहत मिलेगी.
* एमआईडीसी को कर्ज जुटाने के लिए अधिक अधिकार
उद्योग विभाग से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (एमआईडीसी) को कर्ज जुटाने के लिए अधिक वित्तीय अधिकार देने का फैसला किया गया है. इसके लिए महाराष्ट्र औद्योगिक विकास अधिनियम, 1961 में संशोधन तथा आवश्यक अध्यादेश जारी करने को मंजूरी दी गई है. सरकार का मानना है कि इससे औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी.
* नवी मुंबई हवाईअड्डा विवाद की भी गूंज
मंत्रिमंडल की बैठक में नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम को लेकर उत्पन्न विवाद की भी चर्चा हुई. उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किए जाने पर शिवसेना के मंत्रियों ने नाराजगी जताई. बैठक में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच कराने और आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया.
* किसानों, विद्यार्थियों और उद्योग क्षेत्र को राहत
मंत्रिमंडल के फैसलों को राज्य सरकार के व्यापक प्रशासनिक और विकासात्मक एजेंडे का हिस्सा माना जा रहा है. विशेष रूप से कर्जमाफी से वंचित किसानों को राहत देने के निर्णय को ग्रामीण क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. वहीं नए महाविद्यालयों की मंजूरी से विद्यार्थियों को अवसर मिलेंगे और एमआईडीसी से जुड़े फैसले औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने में सहायक साबित हो सकते हैं.





